राष्ट्रीय गौरव: भारत ने 11 मई को पोखरण में परमाणु परीक्षण कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था। इसी उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर सीएम योगी ने संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1998 का वह दिन भारत के तकनीकी आत्मविश्वास का बोध कराता है। यह दिन हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा और देश की सैन्य मजबूती को समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के युवाओं के नाम एक विशेष पत्र लिखा है।
प्रौद्योगिकी का मंत्र: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार तकनीक आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सबसे अनिवार्य शर्त बन गई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि उनकी सरकार तकनीक को ही विकास का मुख्य आधार मानती है। राज्य सरकार की सभी योजनाएं अब इसी तकनीकी मंत्र के साथ संचालित की जा रही हैं। तकनीक ने शासन और प्रशासन को आम जनता के लिए अधिक सुलभ बना दिया है। विकास की इस यात्रा में उत्तर प्रदेश अब एक अग्रणी राज्य बन गया है।
प्रेरणादायी सफलताएं: ‘हंस-3’ विमान और ‘त्रिशूल’ मिसाइल के सफल परीक्षणों ने भारत को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया। सीएम योगी ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सफलता को तकनीक का ही एक चमत्कार बताया। उन्होंने कहा कि इन सफलताओं से प्रदेश के युवाओं को निरंतर प्रेरणा लेनी चाहिए और सीखना चाहिए। तकनीक के माध्यम से ही जनजीवन को सुगम और पारदर्शी बनाने में सफलता प्राप्त हुई है। वैज्ञानिक उपलब्धियों ने 140 करोड़ भारतीयों को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया है।
समर्थ युवा योजना: सरकार ‘टेक युवा-समर्थ युवा योजना’ के माध्यम से युवाओं को आधुनिकतम तकनीकी प्रशिक्षण दे रही है। रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश बड़ी प्रगति कर रहा है। डेटा सेंटर क्लस्टर के माध्यम से राज्य को तकनीकी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी प्रदेश आज देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। मेड-टेक और ड्रोन तकनीक में भी उत्तर प्रदेश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
समय की मांग: सीएम योगी ने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि तकनीक वास्तव में समय की तरह है। यदि हम तकनीक के साथ कदम मिलाकर नहीं चलेंगे, तो हम आधुनिक समय से पिछड़ जाएंगे। युवाओं को नवीनतम सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और नवाचारों को अपने जीवन में अपनाना ही होगा। तकनीक को अपनाकर ही एक सुदृढ़ वर्तमान और उज्जवल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। यह आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण की दिशा में उठाया गया सबसे प्रभावी कदम होगा।
अटल जी को श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री ने युवाओं से आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नवाचार को अपनाना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि देना है। अटल जी ने ही विज्ञान और तकनीक को राष्ट्र की शक्ति बनाने का सपना देखा था। आज उत्तर प्रदेश उसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। युवाओं का कौशल ही प्रदेश की समृद्धि का असली और एकमात्र आधार है।



































