शीर्षक: यमन की चेतावनी और ‘ग्रेटर इजरायल’ का डर: क्यों भड़क रही है संघर्ष की आग?
यमन की सशस्त्र सेनाओं ने हालिया हमले के बाद इजरायल पर ‘ग्रेटर इजरायल’ की विस्तारवादी नीति का आरोप लगाया है। ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी का बयान कि वे ‘हमलावरों को बड़ा झटका’ देने के लिए तैयार हैं, यह संकेत देता है कि यमन इसे केवल सीमाई विवाद नहीं, बल्कि एक धार्मिक और क्षेत्रीय अस्तित्व की लड़ाई मान रहा है।
रणनीतिक विश्लेषण:
- क्षेत्रीय सहयोग: यमन अब अकेले नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से एक मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है। इसमें मुस्लिम देशों के समर्थन की अपील एक बड़ा रणनीतिक कदम है।
- नेतृत्व की क्षति: अयातुल्ला अली खामेनेई जैसे शीर्ष नेतृत्व के मारे जाने की खबरों ने ईरान समर्थित गुटों में भारी आक्रोश पैदा किया है। यह ‘प्रतिशोध की राजनीति’ युद्ध को लंबा खींच सकती है।
- चेतावनी का प्रभाव: नेगेव और बीर शेबा में बजते सायरन इस बात का प्रमाण हैं कि यमन की मिसाइल तकनीक अब इजरायल के सुदूर इलाकों तक पहुँचने में सक्षम है।



































