लखनऊ में स्थित जाने-माने डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) के प्रशासन ने छात्रों से जुड़ा एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने पेपर लीक होने के स्पष्ट सबूत मिलने के बाद बीटेक कंप्यूटर साइंस की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह पूरा मामला हाल ही में आयोजित हुई यूनिवर्सिटी की सेमेस्टर परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुए पेपर लीक से जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि बीटेक कंप्यूटर साइंस के छठे सेमेस्टर की यह महत्वपूर्ण परीक्षा 21 मई को विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
चेकिंग के दौरान पकड़ी गई नकल इस पेपर लीक कांड का भंडाफोड़ नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर चल रही सघन चेकिंग के दौरान हुआ था। वहां परीक्षा दे रहे एक छात्र की जब तलाशी ली गई, तो उसके पास से नकल के लिए बनाई गई कई पर्चियां बरामद हुईं। जांच करने पर अधिकारियों के होश उड़ गए क्योंकि इन पर्चियों पर हूबहू उन्हीं सवालों के सटीक जवाब लिखे हुए थे, जो उस दिन के पेपर में पूछे गए थे। इसके तुरंत बाद एक अन्य छात्र के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें पूरा का पूरा पेपर पहले से ही मौजूद मिला।
टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर फैला पेपर नोएडा के एक कॉलेज प्रबंधन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर साइबर सेल के विशेषज्ञों ने इस पूरे मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी थी। यह विवाद उस समय एक बड़े स्तर पर पहुंच गया, जब यह पुष्ट खबरें सामने आईं कि एकेटीयू की इस महत्वपूर्ण परीक्षा के समाप्त होने से काफी पहले ही पेपर लीक हो चुका था। छात्रों का यह प्रश्नपत्र कथित तौर पर कई अनजान व्हाट्सएप ग्रुप और बड़े टेलीग्राम चैनल्स पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा था।
यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता इस बड़ी घटना ने यूनिवर्सिटी की उस डिजिटल परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर बहुत गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे पूरी तरह सुरक्षित माना जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और AKTU द्वारा एक विशेष आंतरिक जांच समिति का गठन किया गया। इस विशेष जांच समिति ने तेजी से काम करते हुए मामले के हर पहलू की जांच की और अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने प्रस्तुत कर दी थी।
गाजियाबाद में भी मिला लीक का सुराग जांच में यह भी सामने आया कि गाजियाबाद के एक परीक्षा केंद्र पर भी इसी तरह संदिग्ध पेपर लीक का एक मामला सामने आया था। वहां एक छात्र को परीक्षा के दौरान नकल के उद्देश्य से लाई गई अनुचित सामग्री के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था। जब अधिकारियों ने उस छात्र से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि परीक्षा के दिन दोपहर लगभग 1:35 बजे से ही पूरा परीक्षा पेपर अलग-अलग व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स में खुलेआम वायरल हो रहा था।
आईपी एड्रेस से पकड़ा गया मुख्य स्रोत छात्रों द्वारा किए गए इस बड़े खुलासे के बाद यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने वायरल हो रहे पेपर के मुख्य स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद से तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल फुटप्रिंट और रिकॉर्ड की जांच के दौरान, साइबर सेल के अधिकारियों ने पाया कि लीक हुए दस्तावेज से जुड़ा आईपी एड्रेस नोएडा के एक कॉलेज द्वारा संचालित परीक्षा केंद्र से ही संबंधित था। इस पक्की जांच रिपोर्ट के आधार पर नोएडा का वह एग्जाम सेंटर पूरी तरह से शक के घेरे में आ गया, और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत कड़ी कार्रवाई करते हुए बीटेक कंप्यूटर साइंस की पूरी परीक्षा को ही रद्द कर दिया।














































