कोटा ग्रामीण पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समीप एक बड़ी कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने उनके पास से 2 करोड़ 24 लाख रुपये की हवाला राशि बरामद की है जो गुप्त बॉक्स में थी। संदिग्ध कार गुजरात नंबर की है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है और जांच शुरू की है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि चेचट थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोकथाम के लिए नाकेबंदी की गई थी। संदिग्ध कार में दो व्यक्ति सवार थे जिनके पास से यह बड़ी नकदी बरामद होने पर उन्हें डिटेन किया गया।
पुलिस बैरिकेड्स से भागने की कोशिश पुलिस टीम ने आठ लाइन तिराहे पर मोडक रोड की ओर संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए नाकेबंदी लगाई थी। वहां से गुजर रही एक एक्सयूवी 300 कार के चालक ने पुलिस का इशारा देखकर अपनी गति को अचानक बढ़ा दिया। पुलिस की सतर्कता के कारण आगे बैरिकेड लगाकर उस संदिग्ध कार को सफलतापूर्वक रोका गया और दोनों को पकड़ा गया। डिटेन किए गए दोनों व्यक्तियों ने पूछताछ के दौरान बरामद नकदी के बारे में कोई भी उचित संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पुलिस की टीम ने तुरंत संदिग्धों और उनकी गाड़ी की विस्तृत तलाशी लेना शुरू कर दिया।
गुप्त बॉक्स में छिपाए गए रुपये तलाशी के दौरान पुलिस को चालक और खलासी सीट के नीचे विशेष रूप से बनाए गए दो गुप्त बॉक्स मिले। इन बॉक्सों को बहुत ही चालाकी से छिपाया गया था ताकि किसी को भी नकदी होने का संदेह न हो। बरामद राशि में 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियां बड़ी तादाद में भरी हुई थीं। कुल 2 करोड़ 24 लाख रुपये की हवाला राशि पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर ली है। संदिग्धों को फिलहाल पुलिस की हिरासत में रखा गया है और उनसे आगे की विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
वाराणसी, लखनऊ और प्रयागराज से लिंक जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरी हवाला की रकम उत्तर प्रदेश के वाराणसी, लखनऊ और प्रयागराज से जुड़ी हुई है। यह राशि हवाला के जरिए यूपी के विभिन्न शहरों से गुजरात पहुंचाई जानी थी जो इस नेटवर्क का मुख्य ठिकाना है। पूछताछ में सामने आया कि गुजरात की एक बाबूलाल कंपनी इस प्रकार के हवाला के अवैध काम में लिप्त है। इन लोगों को पैसे पहुंचाने के बदले निश्चित कमीशन और प्रति किलोमीटर के हिसाब से अलग भुगतान मिलता है। पुलिस अब इस बाबूलाल कंपनी के कनेक्शन को खंगालने की दिशा में काफी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ पुलिस ने इस मामले में मुकेश और सुथार नाम के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपने नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां पुलिस को पूछताछ के दौरान दी हैं। इस मामले में पुलिस का अगला कदम पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने का है ताकि आगे ऐसा न हो। मुकेश और सुथार की गतिविधियों का विश्लेषण करने के लिए पुलिस उनकी कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को देख रही है। बाबूलाल कंपनी के संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि गिरोह का पर्दाफाश हो सके।
आयकर विभाग की बढ़ेगी भूमिका इस बड़ी हवाला बरामदगी की सूचना अब इनकम टैक्स विभाग को भी दी जा रही है ताकि कर चोरी की जांच हो सके। बरामद नकदी के असली मालिक और प्राप्तकर्ता कौन हैं, इसकी विस्तृत छानबीन आयकर विभाग के अधिकारी करेंगे। पुलिस और आयकर विभाग मिलकर इस अवैध कारोबार के मनी ट्रेल का पता लगाने की पूरी कोशिश में जुटे हैं। पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है ताकि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। कोटा पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई से हवाला कारोबारियों के बीच में काफी हलचल मचा दी है।

























































