देश भर में विवादों में घिरी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NEET पेपर लीक के इस गंभीर मामले को लेकर आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अदालत परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाएगी। पूरा देश यह जानने के लिए उत्सुक है कि अदालत इस मामले में अब आगे क्या सख्त रुख अपनाती है। सर्वोच्च अदालत का आज का फैसला इस परीक्षा के भविष्य की पूरी दिशा तय करने वाला साबित होगा।
जवाब दाखिल करेगी एजेंसी आज होने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई में परीक्षा कराने वाली मुख्य एजेंसी को अपना पक्ष अदालत के सामने रखना है। अदालत के सख्त निर्देशों के बाद आज NTA को सुप्रीम कोर्ट में अपना विस्तृत और आधिकारिक जवाब दाखिल करना है। एजेंसी को अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक कैसे हो गया। इसके साथ ही एजेंसी को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी रणनीति का भी पूरा ब्यौरा देना होगा। इस जवाब के आधार पर ही अदालत यह तय करेगी कि एजेंसी के खिलाफ क्या उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
भविष्य पर टिकी निगाहें इस पूरे विवाद के कारण देश भर के लाखों छात्रों का भविष्य इस समय पूरी तरह से अधर में लटका हुआ है। आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली इस सुनवाई पर लगभग 23 लाख बच्चों और उनके परिवार की निगाहें टिकी हुई हैं। इन सभी होनहार बच्चों ने अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए बहुत ही कड़ी मेहनत की थी। पेपर लीक की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने इन सभी छात्रों और उनके माता-पिता को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है। हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि अदालत आज छात्रों के पक्ष में कोई बहुत ही न्यायपूर्ण और सही फैसला सुनाएगी।
विपक्ष का तीखा हमला अदालत के बाहर भी इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी काफी ज्यादा तेज हो गई है और सरकार बैकफुट पर है। NEET एग्जाम में हुई इस भारी अनियमितता को लेकर केंद्र सरकार की देश भर में काफी ज्यादा किरकिरी हुई है। पेपर लीक के इस बेहद संवेदनशील मुद्दे को लेकर पूरा विपक्ष एकजुट होकर लगातार सरकार को घेरने का काम कर रहा है। विपक्षी नेता सरकार की नाकामी पर तीखे सवाल उठा रहे हैं और जवाबदेही तय करने की लगातार मांग कर रहे हैं। इस भारी राजनीतिक दबाव के कारण ही अब सरकार को अपनी पूरी व्यवस्था में सुधार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
वायुसेना से मिलेगी मदद विपक्ष के लगातार हमलों और छात्रों के भारी आक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ी और नई स्ट्रैटजी तैयार की है। सरकार ने आगामी 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। इस नई रणनीति के तहत री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए सीधे इंडियन एयरफोर्स की मदद ली जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अब देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों तक परीक्षा के पेपर वायुसेना के विशेष विमान से ले जाए जा सकते हैं। इस कदम से प्रश्नपत्रों को रास्ते में लीक होने या किसी भी तरह की छेड़छाड़ से पूरी तरह से बचाया जा सकेगा।
सरकार का नया दृष्टिकोण केंद्र सरकार अब इस परीक्षा को बिना किसी त्रुटि के संपन्न कराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। इसके लिए सरकार अब Whole-of-Government Approach के तहत अपनी सभी प्रमुख एजेंसियों को एक साथ मैदान में उतार रही है। इस योजना के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय, संबंधित राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा। ये सभी विभाग आपस में खुफिया जानकारी साझा करके परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत करेंगे। सरकार का यह नया दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में किसी भी होनहार छात्र के साथ कोई अन्याय न हो पाए।


























































