हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन India के शेयर बाजार में भारी बिकवाली के चलते हाहाकार मच गया। सुबह मामूली बढ़त के साथ खुलने वाले बाजार पर दोपहर होते-होते बियर ने पूरी तरह से अपना शिकंजा कस लिया। इस भारी दबाव के कारण Dalal Street पर स्थिति बिल्कुल ब्लडबाथ जैसी देखने को मिली। चौतरफा बिकवाली के इस दबाव में Sensex लगभग 1,100 अंक टूटकर औंधे मुंह गिर गया। बाजार में आए इस अचानक भूचाल से निवेशकों के तकरीबन 6 लाख करोड़ रुपये पूरी तरह से स्वाहा हो गए।
निफ्टी और ब्रॉडर मार्केट का हाल: कारोबार के अंत में प्रमुख इंडेक्स Nifty 50 चौतरफा बिकवाली के दबाव में बुरी तरह टूट गया। भारी गिरावट के बाद यह सूचकांक 23,550 के अहम स्तर के भी नीचे जाकर बंद हुआ। बड़े शेयरों के साथ-साथ आज ब्रॉडर मार्केट पर भी निवेशकों की पैनिक सेलिंग हावी रही। इस बिकवाली के बीच Nifty मिडकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा सूचकांक का स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क कर बंद होने पर मजबूर हुआ।
सेक्टर्स की स्थिति और भारी गिरावट: आज के कारोबारी सत्र की सबसे खास बात यह रही कि केवल आईटी सेक्टर्स को ही नुकसान से थोड़ी राहत मिली। आईटी को छोड़कर बाजार के लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स पूरी तरह से लाल निशान में डूबे नजर आए। बाजार को नीचे खींचने में ऑटो, मेटल, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर्स का सबसे बड़ा हाथ रहा। गिरावट के इस दौर में ये सभी प्रभावित सेक्टर्स आज के सत्र में लगभग 2-2 फीसदी तक टूटकर बंद हुए। इन सेक्टर्स में हुई इस भारी बिकवाली ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों को संभलने का कोई भी मौका नहीं दिया।
टॉप गेनर्स और लूजर्स का प्रदर्शन: शेयर बाजार में आज सबसे ज्यादा मार Eicher Motors और InterGlobe Aviation (Indigo) के शेयरों पर पड़ी। इनके साथ ही Power Grid Corporation, ONGC और Bajaj Auto के शेयर भी टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे। हालांकि, बाजार में चौतरफा गिरावट के इस दौर में भी कुछ शेयरों ने निवेशकों को थोड़ी बहुत राहत जरूर दी। Tech Mahindra, HCL Technologies, Wipro और L&T के शेयर आज हरे निशान में टिके रहने में कामयाब रहे। ये गिने-चुने शेयर ही आज के कारोबारी दिन में Nifty के टॉप गेनर्स बनकर उभरे।
गिरावट के प्रमुख वैश्विक कारण: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक, वीकेंड से पहले निवेशकों द्वारा की गई बहुत तेज मुनाफावसूली बाजार टूटने की मुख्य वजह बनी। इसके अलावा US और Iran के बीच सीजफायर की खबरों ने भी बाजार का मूड पूरी तरह से बिगाड़ा। साथ ही Strait of Hormuz में शिपिंग दोबारा शुरू होने की खबरों ने भी बाजार में काफी ज्यादा अस्थिरता बढ़ाई। इन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा गया और उन्होंने भारी बिकवाली शुरू कर दी।
घरेलू कारण और इंडेक्स बदलाव: वैश्विक कारणों के अलावा IMD द्वारा मानसून का अनुमान घटाकर 90% करने से निवेशकों की चिंता और अधिक बढ़ गई। कमजोर बारिश और एल नीनो की आशंका से देश में खाद्य महंगाई बढ़ने का डर भी पैदा हो गया है। इसके साथ ही MSCI इंडेक्स में हुए बड़े बदलाव के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा बढ़ा। इस बदलाव के तहत Federal Bank और Indian Bank को MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया। साथ ही Multi Commodity Exchange of India जैसे शेयर भी इस इंडेक्स में अपनी जगह बनाने में सफल रहे।





































