विश्लेषण: इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। रविवार को हुए हमलों से साफ है कि इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान की Long-range Strike क्षमता को खत्म करना है।
Precision Strikes और भारी तबाही इजरायली सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के Ballistic Missile Production केंद्रों और Air Defense Systems को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। यह हमला ईरान के लिए एक बड़ा Strategic Setback है, क्योंकि उसकी निगरानी चौकियां (Observation Posts) भी इस हमले की चपेट में आई हैं।
Dimona पर ईरान की नज़र ईरान ने इजरायल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले Dimona Nuclear Center को निशाना बनाकर यह संदेश दिया है कि उसके पास अभी भी ‘प्रतिरोध’ (Deterrence) की क्षमता बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान के परमाणु केंद्रों या इजरायल के शहरी केंद्रों पर हमले जारी रहे, तो यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और Global Security के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- Target: तेहरान में स्थित मिसाइल भंडारण और कमांड सेंटर।
- Casualties: मुख्यालयों में मौजूद ईरानी कमांडरों के मारे जाने का दावा।
- Retaliation: इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर प्लांट पर ईरान का मिसाइल हमला।
- Weaponry: बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम पर प्रहार।





































