ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच तनाव अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरानी संसद (Majlis) के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने स्पष्ट कर दिया है कि तेहरान अब अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों में कोई अंतर नहीं करेगा। उनके इस बयान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों (US Military Bases) की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
प्रमुख रणनीतिक बिंदु:
- US Bases अब वैध लक्ष्य: गालिबफ के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने अब IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) के निशाने पर हैं।
- Hormuz Strait का नया समीकरण: उन्होंने चेतावनी दी है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थितियां अब कभी ‘Pre-War’ (युद्ध पूर्व) स्थिति में नहीं लौटेंगी।
- Fake News और Market Manipulation: ईरान ने अमेरिका की 15-सूत्रीय शांति योजना को एक ‘छलावा’ करार दिया है। गालिबफ का आरोप है कि अमेरिका कूटनीति का उपयोग केवल तेल बाजारों (Oil Markets) में हेरफेर करने के लिए कर रहे हैं।



































