फ्लोरिडा/वाशिंगटन: अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल की सबसे बड़ी सैन्य उपलब्धियों में से एक, ईरानी जनरल कासेम सुलेमानी को मार गिराने की घटना का प्रमुखता से जिक्र किया। ट्रंप ने सुलेमानी को “सड़क किनारे बम बनाने का जनक” और एक “भयानक इंसान” करार दिया।
प्रमुख बिंदु:
- रणनीतिक जीत: ट्रंप ने कहा कि सुलेमानी एक “शैतानी जीनियस” था, लेकिन उसका अंत जरूरी था। यदि वह आज जीवित होता, तो ईरान कहीं अधिक मजबूत स्थिति में होता और अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती पेश करता।
- शांति के लिए शक्ति: राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनका पसंदीदा रास्ता हमेशा ‘शांति’ का रहा है, लेकिन शांति तभी संभव है जब दुश्मन को उसकी सीमाएं पता हों।
- परमाणु दौड़ पर रोक: ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियारों की दौड़ में “द्वार” तक पहुंच चुका था, लेकिन उनकी सरकार ने समय रहते कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए—ये केवल शब्द नहीं हैं, हमने इसे सच कर दिखाया है।”
निष्कर्ष: इन दोनों लेखों से स्पष्ट है कि ट्रंप अपनी नीतियों को इजरायल और मध्य-पूर्व की सुरक्षा के लिए ‘अपरिहार्य’ (जरूरी) मानते हैं और पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारने का श्रेय खुद को देते हैं।



































