विधायक दल का निर्णय: भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है। पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में अब शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लग गई है। पार्टी के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से उनके नेतृत्व को स्वीकार करते हुए अपनी पूरी सहमति जता दी है। इस निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होने की प्रबल संभावना दिख रही है। शुभेंदु अधिकारी अब प्रदेश की कमान संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं।
अमित शाह की मौजूदगी: यह चयन प्रक्रिया ऐतिहासिक रही क्योंकि बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्वयं मौजूद रहे। वे इस विशेष बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए और पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत निगरानी की। उनकी उपस्थिति ने इस निर्णय को पार्टी के भीतर और भी अधिक राजनीतिक वजन और महत्व प्रदान किया। शाह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई इस बैठक ने राज्य इकाई में एकजुटता का कड़ा संदेश दिया है।
राज्यपाल से मुलाकात: विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी अब राजभवन की ओर रुख करेंगे। वह थोड़ी ही देर में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का अपना औपचारिक दावा पेश करने वाले हैं। इस मुलाकात के दौरान वह विधायकों के समर्थन का पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी सौंपेंगे। यह प्रक्रिया नई सरकार के गठन की संवैधानिक औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है।
Tamil Nadu में Vijay की टीवीके को मिला वाम दलों का समर्थन
बहुमत का गणित: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह अब पूरी तरह से साफ हो गई है। 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। हालांकि विजय दो सीटों पर चुनाव जीते हैं, इसलिए उन्हें नियमों के तहत एक सीट छोड़नी होगी। एक सीट कम होने के बाद उनकी पार्टी के पास 107 विधायक बचेंगे जिससे समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
समर्थन की आवश्यकता: तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 विधायकों का निर्धारित किया गया है। सीटें कम होने के कारण विजय को अपनी सरकार बनाने के लिए 11 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत है। वर्तमान में उनके पास कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन पहले से ही मौजूद है जो उनके साथ खड़े हैं। बहुमत सिद्ध करने के लिए उन्हें अब मात्र 6 और विधायकों के समर्थन की तत्काल आवश्यकता है।
वामपंथी दलों का साथ: सूत्रों के अनुसार सीपीएम, सीपीआई और वीसीके ने अब विजय को समर्थन देने का मन बना लिया है। 2026 के विधानसभा चुनाव में इन तीनों ही पार्टियों ने 2-2 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की थी। इन छह विधायकों के साथ आने से विजय की सरकार के पास कुल 118 विधायकों का समर्थन हो जाएगा। यह गठबंधन राज्य में एक नई राजनीतिक स्थिरता लाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।



































