ईरान द्वारा दो अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराने की घटना ने व्हाइट हाउस के उन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, जिनमें ईरान को ‘पूरी तरह तबाह’ करने की बात कही गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नुकसान के बावजूद स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज करेंगे।
विस्तृत विश्लेषण:
- ट्रंप का कड़ा रुख: ‘एनबीसी न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने साफ कहा कि पायलट के लापता होने या विमान गिरने से ईरान के साथ किसी भी बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा— “नहीं, यह युद्ध है।”
- ए-10 थंडरबोल्ट का रहस्य: ईरानी मीडिया का दावा है कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी A-10 Attack Aircraft को उनके डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी अभी भी इसे ‘क्रैश’ या ‘मिसाइल हिट’ के बीच संशय में देख रहे हैं।
- युद्ध की नई दिशा: पांच सप्ताह पहले शुरू हुआ यह संघर्ष अब उस चरण में है जहाँ अमेरिका के आधुनिक सैन्य उपकरण (Fighter Jets) भी असुरक्षित नजर आ रहे हैं। यह स्थिति वैश्विक सुरक्षा परिषद और मिडिल ईस्ट के देशों के लिए चिंता का विषय बन गई है।



































