बंगाल में राजनीतिक तनाव का माहौल: पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती के दौरान सामने आ रहे शुरुआती आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस हार की कगार पर है। चुनाव परिणामों के इन स्पष्ट रुझानों के बीच राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है और कमरहाटी चौराहे पर दोनों प्रमुख दलों के कार्यकर्ताओं के बीच एक हिंसक झड़प हो गई है।
काउंटिंग सेंटर जाते समय हुआ आमना-सामना: इस पूरे विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब बारानगर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवार सजल घोष के समर्थक पानीहाटी में बनाए गए काउंटिंग सेंटर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में उनका सामना विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से हो गया, जिसके बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
नारेबाजी के बाद हिंसक हाथापाई: दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच हो रही यह नारेबाजी जल्द ही धक्का-मुक्की और हिंसक हाथापाई में तब्दील हो गई। थोड़ी ही देर में हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए और इस गंभीर झड़प में भारतीय जनता पार्टी के कम से कम चार कार्यकर्ता घायल हो गए, जिन्हें तुरंत वहां से निकालने की आवश्यकता पड़ गई।
तृणमूल कांग्रेस की इमारतों को निशाना बनाया गया: कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस तीखी झड़प के दौरान इलाके में स्थित कई संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। कमरहाटी चौराहे पर स्थित कमरहाटी ऑटो ऑपरेटर्स यूनियन के ऑफिस के साथ-साथ वहां मौजूद तृणमूल कांग्रेस की बिल्डिंग और स्थानीय पार्टी दफ्तर में अज्ञात लोगों द्वारा जमकर तोड़फोड़ की गई।
भारी पुलिस बल ने स्थिति को किया नियंत्रित: कमरहाटी में बिगड़ते हालातों पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर रवाना किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और सभी घायलों को वहां से बचाकर बेहतर इलाज के लिए कमरहाटी सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया।
मतगणना केंद्र के बाहर मंत्री के साथ बदसलूकी: कमरहाटी के अलावा आसनसोल इलाके में भी मतगणना के दौरान भारी तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। राज्य के कानून मंत्री मलय घटक जब मतगणना केंद्र से बाहर आ रहे थे, तो भीड़ ने उन्हें “चोर-चोर” और “जय श्री राम” के नारे लगाकर घेर लिया। इस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने मंत्री को लात मारने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकालकर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया।



































