सत्ता के करीब नई पार्टी: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं और नतीजे बेहद चौंकाने वाले सामने आए हैं। सुपरस्टार विजय ने पहली बार अपनी नई पार्टी टीवीके बनाकर चुनावी समर में प्रवेश किया और उनकी पार्टी सत्ता हासिल करने के बेहद करीब आ गई है। इस शानदार प्रदर्शन को तमिलनाडु की राजनीति में एक अप्रत्याशित और बहुत बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
उम्मीदवारों की चुनावी स्थिति: विजय की पार्टी टीवीके ने पूरे राज्य में व्यापक रूप से चुनाव लड़ा और कुल 234 विधानसभा सीटों में से 233 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए। टीवीके प्रमुख विजय ने स्वयं दो सीटों, चेन्नई के पास पेराम्बूर और त्रिची ईस्ट से चुनाव लड़ा और वह दोनों ही सीटों से जीत रहे हैं। इसके अलावा, सेलम जिले में तकनीकी कारण से अपने उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर पार्टी ने एक निर्दलीय को समर्थन दिया।
मतदाताओं का निर्णायक रुख: इस चुनाव में मतदाताओं के वोटिंग पैटर्न ने बड़ा उलटफेर किया है, जहां कुल 5 करोड़ 73 लाख मतदाताओं में से 2 करोड़ 93 लाख महिला वोटरों ने अहम भूमिका निभाई है। महिलाओं का यह वर्ग ही टीवीके का कोर सपोर्ट बेस बना है, जबकि एआईएडीएमके को भी इनके समर्थन से फायदा मिला है। कुल मिलाकर तमिलनाडु के युवा और महिला मतदाताओं ने सत्ताधारी डीएमके को पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया है।
माता-पिता की भावुक प्रतिक्रिया: बेटे की इस अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए अभिनेता विजय के आवास पर उनके परिवार ने सीटी बजाकर जोरदार तरीके से जश्न मनाया। इस जीत की ओर बढ़ते कदमों पर एक्टर के पिता एसए चंद्रशेखर ने गर्व से कहा कि विजय निश्चित रूप से तमिलनाडु में बड़ा बदलाव लाएंगे। उनकी मां शोभा चंद्रशेखर ने कहा कि वह बेहद खुश हैं, और पिता के अनुसार, वह सिर्फ उनकी मां ही नहीं बल्कि उनकी सबसे बड़ी प्रशंसक भी हैं।
बहन ने वादों को याद किया: टीवीके के 109 विधानसभा सीटों पर आगे चलने की खबर पर विजय की बहन ने भी मीडिया के सामने अपनी खुशी और विश्वास साझा किया। उन्होंने अपने भाई को एक युवा और ऊर्जावान इंसान बताते हुए कहा कि पूरे तमिलनाडु को उनसे एक बड़े बदलाव की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विजय ने चुनाव से पहले अपनी आखिरी स्पीच में लोगों के विश्वास को कायम रखने और अपने बोले गए वादों को पूरा करने का जो पक्का इरादा जताया था, यह उसी की बहुत बड़ी जीत है।
दिग्गजों को लगा बड़ा झटका: टीवीके के इस शानदार चुनावी प्रदर्शन ने राज्य की सत्ता पर काबिज दिग्गजों के राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बड़े उलटफेर का सबसे अधिक नुकसान सत्ताधारी दल डीएमके को हुआ है। हालात यह हैं कि खबर लिखे जाने तक सत्ताधारी पार्टी के प्रमुख एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन अपनी-अपनी सीटों से पीछे चल रहे हैं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश है।



































