अंधविश्वास के जाल में फंसा हापुड़ देहात क्षेत्र भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में एक ऐसा खौफनाक और अमानवीय अपराध घटित हुआ है, जिसने सभ्य समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। जिले के हापुड़ देहात थाना क्षेत्र में रहने वाले कुछ युवक तंत्र-मंत्र, काले जादू और वशीकरण के ऐसे गहरे भ्रम जाल में फंस गए कि उन्होंने सामाजिक और मानवीय मर्यादाओं की सारी हदें पार करते हुए एक मृत व्यक्ति की जलती हुई चिता से मानव खोपड़ी चुराने जैसा रोंगटे खड़े कर देने वाला कृत्य कर डाला। यह सनसनीखेज घटना इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि शिक्षा और जागरूकता के तमाम दावों के बावजूद आज भी हमारे समाज में अंधविश्वास का जहर किस कदर लोगों की मानसिकता को दूषित कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हापुड़ देहात थाना पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कड़ा एक्शन लिया और इस पूरी सनसनीखेज साजिश का भंडाफोड़ करते हुए घटना को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को धर दबोचा है, जिसके बाद से इस इलाके में तंत्र-मंत्र के इस खतरनाक खेल की व्यापक स्तर पर चर्चा हो रही है।
अंतिम संस्कार के बीच से अमानवीय कृत्य को अंजाम पुलिस के आधिकारिक बयानों और दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, हापुड़ देहात क्षेत्र में स्थित एक श्मशान घाट से शवों के अवशेष और विशेषकर एक इंसानी खोपड़ी की चोरी करने का यह भयानक मामला तब सामने आया, जब श्मशान घाट पर एक शव का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जा रहा था। जब शोकाकुल परिवार और रिश्तेदार अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में व्यस्त थे, उसी दुखद और संवेदनशील घड़ी का अनुचित लाभ उठाते हुए कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्होंने जलती हुई चिता के बीच से अत्यंत ही अमानवीय तरीके से मानव खोपड़ी और अन्य अस्थि अवशेष निकाल लिए और वहां से रफूचक्कर हो गए। किसी भी मृत व्यक्ति के प्रति सम्मान की भावना को ठेस पहुंचाने वाले इस दुस्साहसिक और जघन्य अपराध की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस अमानवीय घटना का तत्काल और कड़ाई से संज्ञान लिया और आरोपियों को पकड़ने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ एक औपचारिक मुकदमा पंजीकृत कर अपनी जांच की दिशा को आगे बढ़ाया।
पुलिस की घेराबंदी और सीसीटीवी से हुई अहम पहचान श्मशान घाट से खोपड़ी चोरी होने की इस अबूझ पहेली और अंधे कत्ल जैसी गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को सबसे बड़ी और अहम कामयाबी उस वक्त मिली जब उन्होंने घटना स्थल और उसके आस-पास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की। पुलिस की जांच टीम ने जब फुटेज को खंगाला तो एक कैमरे में आरोपियों की पूरी करतूत साफ-साफ कैद मिली, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था कि आरोपी किस प्रकार से इस खौफनाक और अमानवीय कृत्य को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से घबराहट में भाग रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में मिली आरोपियों की इसी स्पष्ट दृश्यता ने उनकी पहचान सुनिश्चित करने में पुलिस के लिए एक अचूक सुराग का काम किया। इसी तकनीकी प्रमाण और अहम सुराग को अपना आधार बनाते हुए, पुलिस टीम ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत आरोपियों के छिपने के संभावित ठिकानों के चारों ओर कड़ी घेराबंदी कर दी और अंततः सफलता प्राप्त करते हुए इस घिनौनी वारदात में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में सामने आई प्रेमिका और परिजनों को वश में करने की बात पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों से जब सख्ती से गहन पूछताछ की गई, तो उनके अपराध के पीछे का जो असली मकसद सामने आया, उसने जांचकर्ताओं को भी हैरत में डाल दिया। पकड़े गए मुख्य आरोपी अमन ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह काले जादू और वशीकरण के जरिए अपनी प्रेमिका और अपने सगे माता-पिता को पूरी तरह से अपने मानसिक नियंत्रण में लेना चाहता था। अमन की यह विकृत मानसिकता थी कि वह तंत्र-मंत्र के बल पर अपने करीबियों को अपने इशारों पर नचा सके। इस नापाक इरादे को पूरा करने के लिए ही अमन ने एक तथाकथित तांत्रिक बाबा अवधेश शर्मा से संपर्क किया था। तांत्रिक अवधेश शर्मा ने ही अंधविश्वास को बढ़ावा देते हुए अमन को यह खौफनाक और अमानवीय सलाह दी थी कि इस वशीकरण की प्रक्रिया को सिद्ध करने के लिए उसे श्मशान घाट जाकर एक जलती हुई चिता से इंसान की खोपड़ी लानी होगी। अमन के अलावा उसका साथी आरोपी अयान भी इसी तरह की घिनौनी सोच से ग्रसित था और वह भी इसी तांत्रिक बाबा के माध्यम से एक विशेष तांत्रिक क्रिया करवाकर अपनी मां को वश में करने की नापाक कोशिशों में लगा हुआ था।
छापेमारी में मिलीं दर्जनों तस्वीरें और चिता की राख आरोपियों द्वारा किए गए इन सनसनीखेज खुलासों के बाद पुलिस जांच दल ने तांत्रिक और इन युवकों के अड्डों पर एक भारी दबिश दी, जिसके परिणाम अत्यंत ही विचलित करने वाले रहे। जब पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां अंदर चल रहे तंत्र-मंत्र के काले कारनामे और वहां का डरावना नजारा देखकर वे भी पूरी तरह से दंग रह गए। पुलिस टीम को मौके से अलग-अलग महिलाओं और पुरुषों की करीब 50 से अधिक स्पष्ट तस्वीरें (फोटोग्राफ्स) बरामद हुईं, जिन्हें देखकर यह साफ पता चल रहा था कि उन पर किसी न किसी प्रकार की तांत्रिक क्रियाएं और काले जादू के अनुष्ठान किए जा रहे थे। इतनी भारी संख्या में तस्वीरों का मिलना यह साबित करता है कि यह गिरोह कई लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा था। तस्वीरों के अलावा, पुलिस ने वहां से श्मशान घाट से लाई गई जलती चिता की राख, इंसानी अस्थियों के अवशेष और भारी मात्रा में तांत्रिक पूजा-पाठ और अनुष्ठान में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्री भी जब्त की है, जो उनके अपराध की गंभीरता को और बढ़ा देती है।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया इस पूरे आपराधिक और अंधविश्वास से जुड़े खौफनाक मामले की जानकारी देते हुए हापुड़ देहात के डीएसपी वरुण मिश्रा ने मीडिया को संबोधित किया और पूरी घटना का ब्यौरा सामने रखा। डीएसपी वरुण मिश्रा ने बताया कि हापुड़ देहात क्षेत्र के एक श्मशान घाट से शवों के अवशेष और मानव खोपड़ी की चोरी का यह अत्यंत ही संवेदनशील मामला पुलिस के संज्ञान में आया था, जिस पर पुलिस ने त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए न केवल मुकदमा पंजीकृत किया, बल्कि मामले का सफल अनावरण करते हुए घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी कर ली है। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की गिरफ्त में आए इन तीन आरोपियों में एक वह उम्रदराज तांत्रिक व्यक्ति भी शामिल है, जिसे ये युवक अपना ‘बाबा’ मानते थे, और जो इन्हें इस अपराध के लिए निर्देशित कर रहा था। पुलिस की आधिकारिक पूछताछ में यह बात पुख्ता हो चुकी है कि ये लोग मुख्य रूप से तांत्रिक क्रियाएं और वशीकरण का अवैध गोरखधंधा संचालित करते थे और एक आरोपी अपनी प्रेमिका को वश में करने के लिए इसी बाबा के पास जाकर तांत्रिक अनुष्ठान करवा रहा था। पुलिस ने सभी सबूतों को सुरक्षित कर लिया है और फिलहाल मामले में आगे की सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।



































