पचास साल के भारी उम्र के अंतर वाले निकाह ने गाजियाबाद में मचाई खलबली: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में एक ऐसा पारिवारिक और वैवाहिक मामला प्रकाश में आया है जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति और एक युवा लड़की के बीच के भारी उम्र के अंतर ने लोगों को हैरत में डाल दिया है और यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई है। यह पूरा मामला एक सत्तर वर्षीय बुजुर्ग राजनेता द्वारा अपने से उम्र में पूरे पचास साल छोटी यानी सिर्फ बीस वर्ष की एक युवती के साथ निकाह करने से जुड़ा हुआ है, जो कि सामाजिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से बेहद असामान्य और चौंकाने वाला प्रतीत होता है। इतनी बड़ी उम्र में एक नौजवान लड़की से शादी करने के इस विवादित फैसले ने न केवल समाज के लोगों को चकित किया है, बल्कि इस कृत्य ने खुद इस राजनेता के अपने परिवार के भीतर एक भयानक कलह, असंतोष और गहरे विवाद की नींव रख दी है, जिसकी गूंज अब पुलिस महकमे तक पहुंच चुकी है।
सपा नेता और बसपा के पूर्व प्रत्याशी का ग्यारह बच्चों वाला विशाल कुनबा: इस असामान्य वैवाहिक संबंध को स्थापित करने वाले सत्तर वर्षीय व्यक्ति का नाम हाजी खलील है, जो राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहे हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाते हैं, साथ ही उनका इतिहास बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से पार्षद का चुनाव लड़ने का भी रहा है। राजनीतिक रसूख रखने वाले हाजी खलील का यह कोई पहला विवाह नहीं है, बल्कि बीस साल की इस युवती के साथ उन्होंने अपना यह चौथा निकाह किया है, जो उनके जटिल पारिवारिक ढांचे को दर्शाता है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस चौथे निकाह से पहले ही हाजी खलील की तीन और पत्नियां रह चुकी हैं, जिनसे कुल मिलाकर उनके ग्यारह बच्चे भी हैं, और इतने बड़े भरे-पूरे परिवार की मौजूदगी के बावजूद उन्होंने इस उम्र में चौथी बार दूल्हा बनने और एक नई पत्नी लाने का यह विवादित निर्णय लिया है।
चौथी पत्नी को घर लाने पर दूसरी पत्नी नाजरीन का फूटा भारी गुस्सा: सत्तर वर्षीय हाजी खलील द्वारा अचानक किए गए इस चौथे निकाह और मात्र बीस साल की नई पत्नी को अपने घर में प्रवेश कराने की इस घटना ने उनके पहले से मौजूद परिवार में भूचाल ला दिया है और इसके खिलाफ सबसे बुलंद और मुखर आवाज उनकी दूसरी पत्नी नाजरीन ने उठाई है। नाजरीन अपने बुजुर्ग शौहर के इस फैसले से इस कदर नाराज और आक्रोशित हैं कि उन्होंने इस वैवाहिक कृत्य के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है और इसे अपने तथा अन्य पारिवारिक सदस्यों के हकों पर एक बड़ा कुठाराघात माना है। एक ग्यारह बच्चों वाले बड़े परिवार के बीच जब एक सत्तर साल का व्यक्ति अपनी पोती की उम्र की लड़की को अपनी चौथी पत्नी बनाकर घर लाता है, तो नाजरीन का यह आक्रोशित होना स्वाभाविक था, जिसके कारण परिवार का आंतरिक विवाद अब एक सार्वजनिक और कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है।
पत्नी को छोड़ने और घर से निकालने के पुराने पैटर्न का सनसनीखेज पर्दाफाश: अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए दूसरी पत्नी नाजरीन ने केवल इस चौथे निकाह का ही विरोध नहीं किया है, बल्कि उन्होंने अपने पति हाजी खलील के वैवाहिक संबंधों से जुड़े एक बहुत ही खौफनाक और अन्यायी पैटर्न का भी मीडिया और प्रशासन के सामने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। नाजरीन ने अपने बयान में बहुत ही साफ शब्दों में यह बताया है कि उनके पति की यह फितरत रही है कि वह महिलाओं से शादी करते हैं, फिर हर नई पत्नी के साथ संबंध बनाकर बच्चे पैदा करते हैं, और अंततः जब उनका मन भर जाता है या कुछ समय बीत जाता है, तो वह उस पत्नी को निष्ठुरता से छोड़ देते हैं या उसे बेघर करके घर से बाहर निकाल फेंकते हैं। इस खुलासे ने हाजी खलील के इस चौथे निकाह के पीछे की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह दर्शाया है कि कैसे वह अपने राजनीतिक और पुरुषवादी रसूख का इस्तेमाल महिलाओं के शोषण के लिए करते आ रहे हैं।
धमकियों के साये में स्थानीय पुलिस से लेकर बड़े अधिकारियों तक न्याय की दौड़: जब हाजी खलील के इस नए और विवादित निकाह के खिलाफ उनकी दूसरी पत्नी नाजरीन ने स्थानीय स्तर पर अपनी आवाज उठाने और पुलिस के पास जाकर न्याय मांगने का प्रयास किया, तो उन्हें न्याय व्यवस्था से मदद मिलने के बजाय उल्टे खौफ और आतंक का सामना करना पड़ा। नाजरीन ने खुलासा किया कि जब उन्होंने शुरू में अपने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें चुप रहने के लिए जान से मारने की बेहद डरावनी और गंभीर धमकियां दी गईं, ताकि वह खौफजदा होकर पीछे हट जाएं। हालांकि, इन जानलेवा धमकियों के बावजूद नाजरीन ने हार नहीं मानी और उन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाने का एक बहुत ही साहसिक और निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया।
बेटे के साथ कमिश्नर कार्यालय में शिकायत और कार्रवाई का मिला ठोस भरोसा: धमकियों से डरे बिना और न्याय की प्रबल आस लिए हुए, नाजरीन मंगलवार के दिन अपने एक बेटे को अपने साथ लेकर सीधे गाजियाबाद के उच्च पुलिस अधिकारियों के पास कमिश्नर कार्यालय जा पहुंचीं, ताकि वे अपनी आपबीती बड़े अधिकारियों को सुना सकें। कमिश्नर ऑफिस में पहुंचकर नाजरीन ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और अपने पति हाजी खलील के इस चौथे निकाह, उसके पुराने रिकॉर्ड और उन्हें मिल रही जान से मारने की धमकियों के संबंध में एक विस्तृत और औपचारिक लिखित शिकायत उनके समक्ष प्रस्तुत की। नाजरीन की इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने उन्हें यह ठोस भरोसा और आश्वासन दिया है कि पुलिस इस पूरे प्रकरण और लगाए गए सभी आरोपों की बहुत ही बारीकी से जांच करेगी और जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आरोपी के खिलाफ उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



































