बरेली के पॉश इलाके में फिटनेस के नाम पर घिनौना खेल उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है जिसने महिलाओं की सुरक्षा और फिटनेस सेंटर्स की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। बरेली के सबसे पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले सिविल लाइंस क्षेत्र में, मुख्य डाकघर के ठीक पास स्थित ‘अल्टीमेट फिटनेस क्लब’ नाम के एक प्रसिद्ध जिम में एक पढ़ी-लिखी महिला डॉक्टर के साथ रेप और खौफनाक ब्लैकमेलिंग का खेल खेला गया है। इस पूरे घिनौने प्रकरण का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने त्वरित रूप से कार्रवाई करते हुए जिम का संचालन करने वाले अकरम बेग और उसके सगे भाई आलम बेग को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया है। पुलिस द्वारा मुहैया कराई गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़िता, जो कि एक पेशे से डॉक्टर हैं, उन्होंने खुद को फिट रखने के उद्देश्य से दो साल पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस ‘अल्टीमेट फिटनेस क्लब’ में दाखिला लिया था। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिम का मालिक और मुख्य ट्रेनर अकरम बेग, जो कि अपने भाई आलम के साथ मिलकर इस जगह का संचालन करता था, फिटनेस की आड़ में इतना भयानक अपराध करने की साजिश रच रहा है।
वजन घटाने का झांसा और नशीले ड्रिंक का इस्तेमाल पुलिस की अब तक की तफ्तीश में इस पूरी खौफनाक साजिश की जो परतें खुली हैं, वे बेहद डराने वाली हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि मई 2024 के महीने से मुख्य आरोपी अकरम खान ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देना शुरू किया। एक ट्रेनर के रूप में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए, अकरम ने महिला डॉक्टर को बहुत ही कम समय में तेजी से वजन घटाने का लालच दिया और इसी बहाने उसने पीड़िता को एक तथाकथित प्री-वर्कआउट ड्रिंक पीने के लिए मजबूर करना शुरू किया। पुलिस ने अपनी जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि इस खास प्री-वर्कआउट ड्रिंक में जानबूझकर नशीला पदार्थ मिलाया जाता था ताकि पीड़िता अपने होश खो बैठे। जब महिला डॉक्टर उस नशीले ड्रिंक का सेवन करने के बाद नशे की हालत में पहुंच जाती थी और विरोध करने की स्थिति में नहीं रहती थी, तब आरोपी अकरम उसे जिम के ही अंदर बने एक अत्यंत प्राइवेट और गुप्त कमरे में ले जाकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करता था। इस जघन्य अपराध को और भी खौफनाक बनाने के लिए, आरोपी ने इस पूरी घिनौनी करतूत को जिम में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे में गुप्त रूप से रिकॉर्ड भी कर लिया था।
बच्चों की जासूसी और जान से मारने की खौफनाक धमकियां सीसीटीवी कैमरे में कैद किए गए उन आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो को हथियार बनाकर दोनों भाइयों ने महिला डॉक्टर के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का एक ऐसा जाल बुना जिससे निकलना पीड़िता के लिए नामुमकिन सा हो गया था। पुलिस की रिपोर्ट्स में यह साफ तौर पर बताया गया है कि आरोपी इन अश्लील वीडियो के क्लिप्स और तस्वीरें दिखाकर महिला डॉक्टर से लगातार लाखों रुपये की वसूली करते रहे। जब पानी सिर से ऊपर चला गया और पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर आरोपियों से पूरी तरह दूरी बनानी शुरू की, तो आरोपियों का रवैया और भी ज्यादा आक्रामक और खतरनाक हो गया। उन्होंने महिला को डराने के लिए उसके मासूम बच्चों का पीछा करना शुरू कर दिया, उनके स्कूल और रास्ते की फोटो खींचते और महिला के पूरे परिवार को जान से मारने की खौफनाक धमकियां देने लगे। इस मानसिक प्रताड़ना की इंतहा तब हो गई जब हाल ही के दिनों में मुख्य आरोपी अकरम ने सारी हदें पार करते हुए महिला से पहले 10 लाख रुपये की बड़ी रकम मांगी और उसके तुरंत बाद सीधे 50 लाख रुपये की रंगदारी देने का भारी दबाव बना डाला।
पचास लाख की मांग के बाद कोतवाली पुलिस में दर्ज हुई एफआईआर आरोपियों द्वारा 50 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम की अचानक मांग और अपने बच्चों की जान को मंडराते खतरे को देखकर महिला डॉक्टर का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और उसने इस खौफनाक चक्रव्यूह को तोड़ने का फैसला कर लिया। इस भयानक मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग से पूरी तरह परेशान होकर पीड़िता ने 4 मई की देर रात सीधे कोतवाली पुलिस स्टेशन का रुख किया और वहां पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एक महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और बच्चों को मिल रही धमकियों की इस गंभीर शिकायत को तुरंत संज्ञान में लिया। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर रातों-रात तीन अलग-अलग विशेष टीमों का गठन कर दिया गया। इन पुलिस टीमों ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया और 5 मई की सुबह-सुबह ही मुख्य आरोपी अकरम बेग को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया, जिससे पीड़िता को पहली बार थोड़ी राहत की सांस मिली।
पेन ड्राइव में मिले अश्लील वीडियो और दवाओं का जखीरा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए अपनी जांच की गति को और तेज कर दिया। पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में अकरम बेग टूट गया और उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने ‘अल्टीमेट फिटनेस क्लब’ जिम में जाकर सघन छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत के रूप में एक पेन ड्राइव बरामद की, जिसके भीतर पीड़िता के वे सभी अश्लील वीडियो सुरक्षित रखे गए थे। इसके साथ ही, पुलिस को जिम से आरोपी का मोबाइल फोन, भारी मात्रा में गैर-कानूनी शक्तिवर्धक दवाएं, टेस्टोस्टेरोन बूस्टर, इंजेक्शन लगाने के काम आने वाली कई सिरिंज और महिला डॉक्टर से ब्लैकमेलिंग कर वसूले गए 10,000 रुपये भी मौके से बरामद हुए। पुलिस की पूछताछ के दौरान एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि अकरम ने इन आपत्तिजनक वीडियो की एक पूरी कॉपी अपने भाई आलम बेग को भी सौंप रखी थी। इस अहम जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसी दिन दोपहर में आलम को भी गिरफ्तार कर लिया और तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक अन्य पेन ड्राइव तथा मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस ने इन सभी संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को पूरी तरह से अपने कब्जे में सुरक्षित कर लिया है।
माफी मांगता दिखा मुख्य आरोपी और सीओ की विस्तृत जानकारी लंबे समय तक एक महिला को ब्लैकमेल करने और खौफ में रखने वाले आरोपियों की पुलिस कस्टडी में आते ही सारी हिम्मत जवाब दे गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस वक्त पुलिस मुख्य आरोपी अकरम बेग को गिरफ्तार करके ले जा रही थी, तब वह अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रहा था और कह रहा था, ‘गलती हो गई।’ इसके अलावा, वह हवालात से बाहर निकलते वक्त स्पष्ट रूप से लंगड़ाते हुए भी नजर आया, जिससे यह जाहिर होता है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान सख्ती का इस्तेमाल किया है। दोनों सगे भाइयों, अकरम और आलम के खिलाफ थाना कोतवाली में रेप, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एक मजबूत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस गंभीर घटनाक्रम पर पुलिस की तरफ से सीओ आशुतोष शिवम ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी महिला को मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ने और डराने-धमकाने के लिए उसका लगातार पीछा करते थे और उसके बच्चों की लाइव लोकेशन तक की जानकारी रखते थे। सीओ ने स्पष्ट किया कि इसी कारण से पीड़िता इतने लंबे समय तक भारी मानसिक दबाव में रही, लेकिन अब पुलिस ने सभी अहम सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं और इस पूरे मामले की अत्यंत गहराई से और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।



































