चुनावी वादा: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए सुरक्षा के वादे को पूरा कर दिया है। उन्होंने महिलाओं के लिए ‘सिंगापेन सिरुम्बू’ नामक एक समर्पित ड्रग फोर्स और सुरक्षा इकाई का गठन किया। विजय ने कहा कि यह बल महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी हर शिकायत पर बिना देरी किए काम करेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा के बिना राज्य का विकास अधूरा है। इस फोर्स का गठन उनके कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती उपलब्धियों में से एक है।
आर्थिक संकट: राज्य का कार्यभार संभालते ही विजय ने तमिलनाडु की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि राज्य पर वर्तमान में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी कर्ज है। सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है, जिससे नई योजनाएं लागू करना एक असहनीय बोझ है। इस भारी कर्ज के बावजूद विजय अपने लोकलुभावन वादों को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। वित्तीय चुनौतियों और जन अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
बिजली पर शर्तें: मुख्यमंत्री ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा के साथ शर्तें लागू की हैं। इस रियायत का लाभ केवल वे उपभोक्ता उठा पाएंगे जिनका दो महीने का बिल 500 यूनिट से कम है। इस शर्त के सामने आने के बाद जनता के एक वर्ग ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर लोग इसे चुनावी वादे से पीछे हटने या उसे सीमित करने के तौर पर देख रहे हैं। सरकार को इस योजना के वित्तीय प्रबंधन के लिए कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं।
सोना और सहायता: विजय की सरकार ने महिलाओं के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार की है। इसमें 60 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देना शामिल है। गरीब दुल्हनों के लिए 8 ग्राम सोना और उच्च गुणवत्ता वाली रेशमी साड़ियां देने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के लिए 5 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण की योजना है। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
नवजात कल्याण: बच्चों के लिए मुख्यमंत्री ने ‘थाई ममन थंगा मोथिरम थिट्टम’ यानी मामा की सोने की अंगूठी योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य में पैदा होने वाले हर बच्चे को सरकार की ओर से सोने की अंगूठी दी जाएगी। साथ ही एक “बेबी वेलकम किट” भी प्रदान की जाएगी जिसमें बच्चों के कपड़े और पोषण उत्पाद होंगे। यह योजना नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। सरकार इसके माध्यम से परिवारों के स्वास्थ्य और खुशी सुनिश्चित करना चाहती है।
भविष्य की राह: अभिनेता से राजनेता बने विजय के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी कांटों भरा ताज साबित हो रही है। उन्हें न केवल कानून-व्यवस्था सुधारनी है बल्कि खाली खजाने के साथ गैस सिलेंडर जैसे वादे भी निभाने हैं। प्रति परिवार साल में छह मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा उनके घोषणापत्र का एक अहम हिस्सा है। कर्ज के पहाड़ के नीचे दबे तमिलनाडु को उबारना और जनता के भरोसे पर खरा उतरना कठिन है। अब देखना होगा कि ‘थलापति’ इन तमाम चुनौतियों का सामना किस प्रकार से करते हैं।



































