दुखद समाचार: नोएडा के Gejha गांव में शनिवार सुबह एक बहुत ही दुखद और दर्दनाक हादसा घटित हुआ। एक 5 साल के बच्चे की लोहे का भारी गेट गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और हर तरफ गम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है।
मासूम का खेल: मृतक बच्चे की पहचान 5 वर्षीय नवदीप के रूप में हुई है जो सुबह घर के पास खेल रहा था। शनिवार सुबह करीब 9:20 बजे वह पड़ोस के एक बड़े लोहे के गेट पर चढ़ गया था। खेल-खेल में वह उस गेट पर झूलने लगा जिससे गेट का संतुलन अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते वह विशाल गेट उखड़ गया और सीधे मासूम के ऊपर जा गिरा। भारी वजन के नीचे दबने से बच्चा बुरी तरह घायल होकर बेहोश हो गया।
अस्पताल की दौड़: शोर सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने तुरंत गेट हटाया और बच्चे को गोद में उठा लिया। गंभीर हालत में नवदीप को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए लोग वाहन से दौड़े। बदकिस्मती से बच्चे के शरीर ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही पूरी तरह काम करना बंद कर दिया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत बता दिया जिससे वहां मौजूद लोग बिलख पड़े। पिता मनीष अपने इकलौते बेटे को खोने के गम में पूरी तरह टूट चुके हैं।
वायरल वीडियो: घटना का एक सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हादसे के डरावने पल को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है जो विचलित करने वाला है। फुटेज में बच्चा गेट पर चढ़ता है और अगले ही पल गेट उस पर गिर जाता है। लोग इस वीडियो को साझा कर सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर अपनी राय दे रहे हैं। यह वीडियो अन्य अभिभावकों के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आया है।
पुरानी लापरवाही: ग्रामीणों के अनुसार वह लोहे का गेट काफी समय से पुराना था और उसकी वेल्डिंग कमजोर थी। गेट की मजबूती की जांच न करना मासूम नवदीप की जान पर भारी पड़ गया है। पुराने ढांचे अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं जिन्हें लोग सामान्य मानकर टाल देते हैं। इस छोटे से गांव में अब हर कोई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डरा हुआ है। जर्जर गेट ने एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियाँ हमेशा के लिए छीन ली हैं।
जनता की राय: सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि सार्वजनिक और निजी द्वारों की समय पर जांच हो। लोगों ने अपने संदेशों में लिखा है कि भारी ग्रिल और छज्जों की समय-समय पर मरम्मत अनिवार्य है। बच्चों को अकेले ऐसे भारी ढांचों के पास खेलने देने से बचना चाहिए ताकि सुरक्षा बनी रहे। इस घटना से सबक लेकर लोग अपने घरों की सुरक्षा ऑडिट करने की सलाह दे रहे हैं। ऐसी सावधानी ही भविष्य में किसी अन्य मासूम की जान बचा सकती है।



































