बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बहुत ही चिंताजनक और रेल यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना घटी है। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के अंतर्गत आने वाले रामदयालु नगर स्टेशन के पास कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने गुजरती हुई ट्रेनों पर हमला कर दिया। इन लोगों ने सबसे पहले प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाया और उसके साथ कुल तीन ट्रेनों पर बहुत ही तेजी से पथराव कर दिया। यह पूरी घटना लगभग सवा घंटे के अंतराल में हुई, जिससे सफर कर रहे हजारों यात्रियों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस खतरनाक घटना के परिणामस्वरूप तीनों ट्रेनों के कई कोच के शीशे बुरी तरह से टूट गए और क्षतिग्रस्त हो गए।
यात्रियों में मची भगदड़ जैसे ही चलती हुई ट्रेनों पर बाहर से पत्थर गिरने लगे, अंदर बैठे यात्रियों के बीच अचानक भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। खिड़कियों के शीशे टूटने की आवाज से डरकर लोग अपनी सुरक्षित सीट छोड़कर ट्रेन के गलियारों की ओर भागने लगे। इस खौफनाक स्थिति में ट्रेन में बैठे एक सतर्क और जागरूक यात्री ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को घटना की जानकारी दी। अचानक हुए इस पथराव से विशेष रूप से ट्रेन में सवार छोटे बच्चे और महिलाएं बहुत अधिक डरे हुए और सहमे नजर आ रहे थे। यात्रियों को यह बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि आखिर किस कारण से चलती ट्रेन पर ये भारी पत्थर फेंके जा रहे हैं।
निशाने पर रही प्रमुख ट्रेनें रविवार की शाम को असामाजिक तत्वों द्वारा जिन तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों को अपना निशाना बनाया गया, उनमें कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इन ट्रेनों में ट्रेन नंबर 26501 पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, 15550 पटना-जयनगर इंटरसिटी और 14006 आनंद विहार-सीतामढ़ी लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल थीं। इस भयानक पथराव में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की कुल तीन प्रमुख बोगियों के बाहरी शीशे पूरी तरह से टूटकर बिखर गए। इसके अलावा, अन्य दो ट्रेनों के भी एक-एक कोच की खिड़कियों के कांच इस अचानक हुए पथराव के कारण काफी क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, एक बहुत बड़ी राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई।
घटना का पूरा घटनाक्रम प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाई-प्रोफाइल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को मुख्य रूप से मझौलिया और खबरा इलाके के पास निशाना बनाया गया। जब वंदे भारत ट्रेन तेजी से राम दयालु नगर स्टेशन को पार कर रही थी, तभी रेलवे ट्रैक के किनारे से उस पर पत्थर फेंके गए। इस घटना के दौरान वंदे भारत ट्रेन के C-3, C-4 और E-1 कोच के खिड़कियों के कांच पूरी तरह टूटकर सीट पर आ गिरे। इसके कुछ ही मिनटों बाद, शाम करीब साढ़े पांच बजे पटना-जयनगर इंटरसिटी ट्रेन के सी-1 कोच को फिर से निशाना बनाया गया। इसके बाद शाम करीब छह बजे लिच्छवी एक्सप्रेस के एम-2 स्लीपर कोच पर भी उसी क्षेत्र में बहुत जोरदार पथराव किया गया।
पुलिस की जांच और एफआईआर घटना के बाद जैसे ही ये सभी ट्रेनें मुजफ्फरपुर जंक्शन स्टेशन पर पहुंचीं, वहां पहले से मौजूद आरपीएफ ने तुरंत इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। रेलवे पुलिस ने बिना कोई देरी किए इस गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के चश्मदीद गवाहों की तलाश में आरपीएफ ने ट्रेन में मौजूद कई डरे हुए यात्रियों के बयान भी दर्ज किए हैं। जांच के दौरान कुछ यात्रियों ने यह आशंका जताई है कि रेलवे ट्रैक के पास खेल रहे कुछ स्थानीय बच्चों द्वारा यह पथराव किया गया होगा। आरपीएफ अब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अपने खुफिया स्थानीय इनपुट के आधार पर उन सभी आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
रेल एसपी का बयान इस घटना की पहली सूचना मिलते ही आरपीएफ की एक उच्च-स्तरीय टीम तुरंत मुजफ्फरपुर स्टेशन पहुंची और डरे हुए यात्रियों से घटना की जानकारी ली। इस पूरे मामले को लेकर रेल एसपी वीणा कुमारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें वंदे भारत समेत तीन ट्रेनों पर पत्थरबाजी की सूचना मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन में सुरक्षा के लिए स्कॉर्ट कर रहे आरपीएफ के जवानों ने ही कंट्रोल रूम को सबसे पहले इस घटना की सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आ रही है कि शायद बच्चों द्वारा खेलते समय पत्थर फेंके गए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी असामाजिक तत्व की संलिप्तता से पूरी तरह इनकार नहीं कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





































