Uttar Pradesh के Pratapgarh जनपद का प्रसिद्ध Kunda इलाका एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में आ गया है। इसकी मुख्य वजह जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष Raghuraj Pratap Singh उर्फ Raja Bhaiya का एक ताजा बयान है। उन्होंने एक स्थानीय जनसभा के दौरान धर्म और संविधान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत ही बड़ा बयान दे दिया है। इस अप्रत्याशित और विवादित बयान के कारण प्रदेश की राजनीति में एक नया और बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। माना जा रहा है कि उनके इस तीखे भाषण से आने वाले दिनों में भारी राजनीतिक विवाद पैदा हो सकता है।
पूर्वजों के धर्म परिवर्तन पर दावा: अपने इस चर्चित भाषण में विधायक महोदय ने धर्म परिवर्तन के पुराने इतिहास पर सीधे तौर पर हमला बोला है। उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों के सामने दावा किया कि आज के समय में दिखने वाले सभी मुस्लिम लोग पूर्व में हिंदू ही थे। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि जो लोग स्वभाव से कायर थे, वे ही बाद में मुसलमान बन गए। उनके इस दावे के अनुसार उन सभी लोगों ने अपने मूल धर्म को छोड़कर दूसरा धर्म अपना लिया था। इस प्रकार उन्होंने वर्तमान मुस्लिम आबादी की धार्मिक जड़ों को लेकर एक बहुत ही बड़ा और विवादित बयान दिया है।
प्रलोभन और दबाव का जिक्र: धर्म बदलने वालों की आलोचना करते हुए उन्होंने मंच से बहुत ही कठोर और तीखे शब्दों का प्रयोग किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो लोग आस्था विहीन, निष्ठाहीन और लोभी थे, उन्होंने ही अपना धर्म परिवर्तन किया था। उनका मानना है कि इन लालची और कायर लोगों ने किसी भारी दबाव या प्रलोभन में आकर ही ऐसा कदम उठाया था। इन्हीं कमजोरियों के कारण उन्होंने अपने पवित्र हिंदू धर्म को छोड़कर मुस्लिम धर्म को पूरी तरह अपना लिया था। उनके ये कड़े शब्द धर्म परिवर्तन करने वालों की मानसिकता पर एक बहुत ही बड़ा और सीधा सवाल खड़े करते हैं।
बलिदानी वीरों की संतानों का गर्व: दूसरी ओर उन्होंने उन महान लोगों की जमकर तारीफ की जिन्होंने अपना धर्म किसी भी कीमत पर नहीं बदला। उन्होंने पूरी दृढ़ता के साथ कहा कि जो लोग अपने धर्म पर अडिग रहे और वीर रहे, हम सब हिंदू उन्हीं की संतान हैं। उन्होंने वहां उपस्थित भारी भीड़ को उन बलिदानी पूर्वजों का सच्चा वंशज बताते हुए उनमें गर्व की अनुभूति कराई। उनका यह भी कहना था कि हमारे वीर पूर्वज धर्म के प्रति बहुत अधिक धार्मिक और समर्पित स्वभाव के थे। उन्होंने संदेश दिया कि वर्तमान हिंदू समाज को अपने उन निडर और स्वाभिमानी पूर्वजों पर हमेशा गर्व करना चाहिए।
संविधान को लेकर बड़ी चेतावनी: धर्म परिवर्तन के मुद्दे के तुरंत बाद उन्होंने भारत के संविधान पर भी अपनी एक बहुत ही खास टिप्पणी की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए देश की जनता को एक बहुत ही गंभीर विषय के प्रति सचेत किया है। उन्होंने मंच से जोर देते हुए कहा कि यदि इस देश में सनातन धर्म नहीं बचेगा, तो यहां का संविधान भी नहीं बचेगा। इस प्रकार उन्होंने सनातन धर्म के अस्तित्व को सीधे भारत के संविधान की सुरक्षा के साथ जोड़ दिया है। यह एक ऐसा बयान है जिस पर कानूनी और राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच एक लंबी बहस छिड़ने की पूरी संभावना है।
वीडियो वायरल और विपक्ष की तैयारी: इस पूरी जनसभा और उसमें दिए गए विवादित भाषण का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद Lucknow के राजनीतिक गलियारों में अचानक काफी गर्मी महसूस की जा रही है। उनके राजनीतिक समर्थक इस बयान को सनातन धर्म की रक्षा और प्रबल राष्ट्रवाद के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। दूसरी तरफ यह बिल्कुल तय माना जा रहा है कि प्रदेश के विपक्षी दल इस बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया जरूर देंगे। आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का एक बहुत बड़ा कारण बनने वाला है।





































