उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग हिंदू लड़के को रोजगार का झांसा देकर कश्मीर ले जाया गया और वहां डरा-धमकाकर उसका जबरन निकाह/धर्मांतरण कराने का आरोप है। सोशल मीडिया पर इस खौफनाक खेल का वीडियो वायरल होने के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।
- बड़ा षड्यंत्र: बिजनौर के बाखरपुर गढ़ी गांव के एक मुस्लिम युवक पर नाबालिग विशाल को नौकरी के बहाने जाल में फंसाने का सीधा आरोप।
- कश्मीर कनेक्शन: पीड़ित को यूपी से सैकड़ों किलोमीटर दूर कश्मीर के कुपवाड़ा ले जाया गया, जहां उसे कथित तौर पर बंधक जैसी स्थिति में रखकर मानसिक दबाव बनाया गया।
- वायरल वीडियो से खुलासा: धर्म परिवर्तन की इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसे देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
- एसपी दफ्तर में गुहार: लाचार माता-पिता और आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजनौर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय और बेटे की सकुशल वापसी की मांग की है।
- हाई-अलर्ट पर प्रशासन: पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू कर दी है; मंगलवार दोपहर तक युवक की वापसी की संभावना जताई जा रही है।
रोजगार के बहाने बिछाया गया था झांसे का जाल
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाखरपुर गढ़ी गांव में इन दिनों सन्नाटा और तनाव पसरा हुआ है। यह मामला सीधे तौर पर एक सीधे-साधे ग्रामीण परिवार के भरोसे को कत्ल करने से जुड़ा है। आरोप है कि गांव के ही एक रसूखदार मुस्लिम युवक ने कृष्ण कुमार के नाबालिग बेटे विशाल को निशाना बनाया।
आर्थिक रूप से सामान्य परिवार के इस किशोर को पहले बेहतर भविष्य और कश्मीर में एक अच्छी सैलरी वाली नौकरी का लालच दिया गया। घर की माली हालत सुधारने की चाह में मासूम विशाल इस बात से पूरी तरह अनजान था कि रोजगार के इस सुनहरे वादे के पीछे एक खौफनाक और सोची-समझी साजिश छिपी हुई है।
कश्मीर के कुपवाड़ा में बदला गया नाम, बनाया ‘हमजा’
जैसे ही विशाल को बिजनौर की सीमाओं से दूर कश्मीर ले जाया गया, वहां गेम प्लान पूरी तरह बदल गया। स्थानीय सूत्रों और भाजपा नेताओं के मुताबिक, नाबालिग विशाल को कश्मीर के दुर्गम इलाके कुपवाड़ा में बिलाल नाम के एक स्थानीय व्यक्ति की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
वहां उसे बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि एकांत और अजनबी माहौल का फायदा उठाकर विशाल पर भयंकर मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया गया। उसे डराया-धमकाया गया और आखिरकार बंदूक या खौफ की नोंक पर उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम बदलकर ‘हमजा’ रख दिया गया।
जब सोशल मीडिया पर तैरने लगा खौफनाक वीडियो
इस घिनौने कृत्य का पर्दाफाश तब हुआ जब इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में बिजनौर का वही गायब विशाल बेहद डरा-सहमा हुआ इस्लाम कबूल करता नजर आ रहा है। जैसे ही यह वीडियो बाखरपुर गढ़ी गांव के लोगों और विशाल के परिजनों के मोबाइल तक पहुंचा, इलाके में हड़कंप मच गया।
मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में इस धोखेबाजी को लेकर भारी आक्रोश है। इस वीडियो ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ एक लड़के का गायब होना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा हो सकता है।
“मेरा बेटा अभी पूरी तरह नासमझ और नाबालिग है। उसे बहला-फुसलाकर और डराकर धर्म परिवर्तन कराया गया है। हमें किसी भी कीमत पर हमारा बच्चा सही-सलामत वापस चाहिए और जिन लोगों ने हमारे भरोसे का कत्ल किया है, उन्हें कानून कड़ी से कड़ी सजा दे।” – कृष्ण कुमार, पीड़ित पिता
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में आक्रोश, जांच तेज
इस संवेदनशील मामले की गूंज अब शासन और प्रशासन के गलियारों में भी सुनाई देने लगी है। भाजपा नेता मौसम चौधरी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने घटना को बेहद गंभीर और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला बताया है। मौसम चौधरी ने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अब विशाल को वापस लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है और मंगलवार दोपहर तक उसके बिजनौर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि विशाल के जिला मुख्यालय आते ही उसके मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए जाएंगे, जिससे इस रैकेट के पीछे छिपे असली चेहरों और उनके मददगारों का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सके।
पुलिस एक्शन मोड में: हर एंगल से खंगाल रही है सच
बिजनौर पुलिस प्रशासन ने इस मामले को टॉप प्रायोरिटी पर लिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परिजनों की लिखित शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद आलाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है ताकि उसकी सत्यता और रिकॉर्डिंग की लोकेशन का सटीक पता लगाया जा सके।
इसके साथ ही, विशाल के उम्र से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि पीड़ित के नाबालिग होने की पुष्टि होती है और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप सच साबित होता है, तो आरोपियों के खिलाफ अपहरण, धोखाधड़ी और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निष्कर्ष: त्वरित न्याय और सुरक्षा की दरकार
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण और भोले-भाले युवाओं को नौकरी के नाम पर टारगेट करने वाले असामाजिक तत्वों की ओर इशारा करती है। बिजनौर का यह मामला केवल एक प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के ताने-बाने और आपसी विश्वास की सुरक्षा का भी सवाल है। अब पूरी उम्मीद और नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पीड़ित युवक जल्द से जल्द अपने घर लौटे, ताकि सच सबके सामने आ सके और दोषियों को ऐसी सजा मिले जो भविष्य में इस तरह के अपराधों के लिए नजीर बन सके।





































