हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि का बहुत अधिक महत्व है, और जब यह तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो इसका शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। रविवार को पड़ने वाली इस सप्तमी को ‘भानु सप्तमी’, ‘रवि सप्तमी’ या ‘विवस्वत सप्तमी’ के नाम से जाना जाता है। यह पूरा दिन जगत के साक्षात देवता सूर्य देव की पूजा-उपासना को समर्पित होता है।
मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन सूर्य देव की आराधना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इनकी उपासना से जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, धन-धान्य, तेज, यश, विद्या की प्राप्ति होती है और भाग्य का पूरा साथ मिलता है। इस दिन कुछ विशेष सूर्य मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता है।
भानु सप्तमी पर करें इन शक्तिशाली सूर्य मंत्रों का जाप
सूर्य देव की कृपा पाने के लिए आप अपनी मनोकामना के अनुसार निम्नलिखित मंत्रों का जाप कर सकते हैं:
- सूर्य बीज मंत्र: मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥ लाभ: यह सूर्य देव का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली मंत्र माना जाता है। इसके नियमित जाप से मानसिक शांति मिलती है और समाज में मान-सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होती है।
- सूर्य गायत्री मंत्र: मंत्र: ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात॥ लाभ: इस वैदिक मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की बुद्धि प्रखर होती है और एकाग्रता बढ़ती है। साथ ही, सामाजिक प्रतिष्ठा में भी इजाफा होता है और जीवन में कई प्रकार के शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- आरोग्य प्राप्ति सूर्य मंत्र: मंत्र: ॐ घृणि सूर्याय नमः॥ लाभ: यदि आप लंबे समय से किसी बीमारी या शारीरिक कष्ट से परेशान हैं, तो भानु सप्तमी के दिन इस मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप अवश्य करें। इससे उत्तम आरोग्य की प्राप्ति होती है।
सूर्य देव को अर्घ्य देने की सही विधि
भानु सप्तमी के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अर्घ्य देने की सही विधि इस प्रकार है:
- स्नान व वस्त्र: प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे (संभव हो तो सफेद या नारंगी रंग के) वस्त्र धारण करें।
- अर्घ्य का जल तैयार करें: एक शुद्ध तांबे के लोटे में साफ जल लें। इस जल में थोड़ा सा लाल चंदन, अक्षत (साबुत चावल), कुमकुम और एक लाल गुड़हल का फूल डालें।
- अर्घ्य अर्पित करें: उगते हुए सूर्य देव के सामने मुख करके (पूर्व दिशा की ओर) खड़े हो जाएं। अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर तक उठाएं और धीरे-धीरे सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- मंत्र जाप: जल अर्पित करते समय निरंतर ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते रहें।
- सावधानी: इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अर्घ्य देते समय जल के छींटे आपके पैरों पर न पड़ें। इसके लिए आप नीचे कोई पात्र या गमला रख सकते हैं।
भानु सप्तमी का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
- हजार गुना फल: शास्त्रों के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन किए गए स्नान, दान-पुण्य और मंत्र जाप का फल आम दिनों की तुलना में एक हजार गुना अधिक प्राप्त होता है।
- कुंडली में सूर्य दोष निवारण: जिन जातकों की जन्म कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है या नीच का है, उन्हें भानु सप्तमी के दिन व्रत, पूजा और सूर्य मंत्रों का जाप अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
- बाधाओं से मुक्ति: सूर्य के कमजोर होने से व्यक्ति को नौकरी, प्रमोशन, सरकारी कामों और व्यापार में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। भानु सप्तमी की पूजा इन सभी रुकावटों को दूर कर सूर्य ग्रह को बलवान बनाती है।





































