देश की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रविवार को घरेलू गैस ग्राहकों को एक बड़ा झटका दिया है। इन कंपनियों ने घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस अचानक लिए गए फैसले से देशभर के करोड़ों परिवार सीधे तौर पर आर्थिक रूप से प्रभावित होंगे। गैस सिलेंडर की ये नई और बढ़ी हुई कीमतें 7 जून से ही पूरे देश में लागू हो गई हैं। इस मूल्य वृद्धि के बाद अब आम जनता के रसोई घर का बजट एक बार फिर से बिगड़ गया है।
तीन महीने में दूसरी बढ़ोतरी: एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए पिछले कुछ महीने लगातार महंगाई का भारी दबाव लेकर आए हैं। दरअसल यह पिछले केवल तीन महीनों के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में की गई दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले भी तेल कंपनियों ने 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी की थी। बार-बार हो रही इस मूल्य वृद्धि के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। मार्च के बाद अब 7 जून को हुई इस नई बढ़ोतरी ने महंगाई की मार को आम जनता के लिए और भी गहरा कर दिया है।
पश्चिम एशिया संकट का असर: घरेलू गैस की कीमतों में आए इस ताज़ा उछाल का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा संघर्ष है। इस अंतरराष्ट्रीय तनाव और संघर्ष की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को कई तरह की गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक सप्लाई चेन की इन रुकावटों से फ्यूल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में काफी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कीमतों में हुई इसी बेतहाशा बढ़ोतरी से भारतीय कंपनियों को भी काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी बाहरी और वैश्विक दबाव के कारण देश के भीतर भी एलपीजी की कीमतों में बदलाव करना तेल कंपनियों के लिए अनिवार्य हो गया था।
नुकसान की भरपाई का प्रयास: तेल कंपनियों के अनुसार घरेलू एलपीजी की बिक्री पर हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई करने के लिए ये बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी। अपने लगातार हो रहे घाटे को कम करने और इसका कुछ हिस्सा आम लोगों पर डालने के लिए ही कंपनियों ने कीमतों को बढ़ाया है। हालांकि कंपनियों का स्पष्ट दावा है कि इस ताजा बढ़ोतरी के बावजूद वे अभी भी इंटरनेशनल एनर्जी कीमतों का पूरा असर ग्राहकों पर नहीं डाल रही हैं। आम लोगों को राहत देने के लिए अभी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के पूरे नुकसान को उपभोक्ता के बिल में नहीं जोड़ा गया है। आज की इस ताजा मूल्य वृद्धि के फैसले के तुरंत बाद देशभर के अलग-अलग शहरों में एलपीजी के नए दाम भी सामने आ गए हैं।
महानगरों में गैस की नई कीमतें: देश के प्रमुख महानगरों में गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बदलाव का सीधा और बड़ा असर देखा जा सकता है। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 941.50 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं दूसरी ओर महानगर कोलकाता में गैस के नए दाम 968.00 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये तय किए गए हैं। स्थानीय टैक्स और अलग-अलग ट्रांसपोर्टेशन लागत की वजह से ही देश के सभी महानगरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
पटना में सबसे महंगा सिलेंडर: देश के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में बिहार की राजधानी पटना के निवासियों को गैस के लिए सबसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। पटना में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा 1031.50 रुपये पर पहुंच गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैस की नई कीमत 979.50 रुपये और नोएडा में 939.50 रुपये हो गई है। हरियाणा के गुरुग्राम में गैस की कीमत 950.50 रुपये, चंडीगढ़ में 951.50 रुपये तथा जयपुर में 945.50 रुपये दर्ज की गई है। इसी तरह हैदराबाद में 994.00 रुपये, बेंगलुरु में 915.50 रुपये, भुवनेश्वर में 968.00 रुपये और तिरुअनंतपुरम में 951.00 रुपये कीमत हो गई है।





































