जून महीने के आगामी दो दिन तीन विशेष राशियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं। दरअसल, 10 और 11 जून को मीन राशि में चंद्रमा और शनि की युति के कारण ‘विष योग’ का निर्माण हुआ है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अशुभ और नकारात्मक परिणाम देने वाला माना गया है। इसके प्रभाव से सभी 12 राशियों के जीवन में कुछ न कुछ बदलाव अवश्य देखने को मिलेंगे।
हालाँकि, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 3 ऐसी राशियां हैं जिन्हें इस विष योग के दौरान अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन सी राशियां हैं जिनके लिए अगले 48 घंटे कठिनाइयों से भरे हो सकते हैं:
1. कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह विष योग काफी कष्टकारी सिद्ध हो सकता है।
- मानसिक स्थिति: इस समयावधि के दौरान आपको मानसिक अशांति और अकारण तनाव का सामना करना पड़ सकता है।
- सावधानी: यह अत्यंत आवश्यक है कि आप अपनी वाणी पर पूर्ण संयम रखें। किसी भी प्रकार के अनावश्यक वाद-विवाद या बहस से स्वयं को दूर रखें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- आर्थिक सलाह: धन के लेन-देन के मामलों में विशेष सावधानी बरतें और किसी भी व्यक्ति पर आँख मूँद कर विश्वास करने से बचें।
2. वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए 10 और 11 जून का यह समय अत्यधिक उतार-चढ़ाव से भरा रहने की सम्भावना है।
- कार्य और संबंध: विष योग के अशुभ प्रभाव से आपके बनते हुए कार्यों में अड़चनें और रुकावटें आ सकती हैं। किसी प्रिय या खास व्यक्ति के साथ विवाद या झगड़ा होने की प्रबल आशंका दिख रही है।
- मानसिक स्थिति: मन में नकारात्मक विचारों का अधिक आगमन होगा, जिससे एकाग्रता भंग हो सकती है।
- सावधानी: वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें और बिना सोचे-समझे किसी पर भी भरोसा करने की भूल न करें।
3. कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के जीवन में यह विष योग मानसिक तनाव और चिंताओं को काफी बढ़ा सकता है।
- स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के प्रति की गई जरा सी भी लापरवाही आपको किसी बड़ी परेशानी में डाल सकती है, अतः सेहत को लेकर अत्यधिक सतर्क रहें।
- कार्यक्षेत्र: कार्यालय में उच्चाधिकारियों (सीनियर्स) के साथ किसी बात को लेकर मतभेद या विवाद उत्पन्न हो सकता है।
- सावधानी: इस चुनौतीपूर्ण अवधि में कोई भी महत्वपूर्ण और बड़ा निर्णय लेने से बचें। साथ ही, किसी भी नए कार्य का शुभारंभ इस समय न करें।
विष योग के अशुभ प्रभावों से बचाव के अचूक उपाय
यदि आपकी राशि पर भी इस योग का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो निम्नलिखित ज्योतिषीय उपाय आपके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं:
- मंत्र जाप: इस अशुभ योग के प्रभावों को कम करने के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ अथवा ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का कम से कम 108 बार (एक माला) श्रद्धापूर्वक जाप अवश्य करें।
- हनुमान जी की आराधना: 10 और 11 जून को संकटमोचन श्री हनुमान जी की पूजा करें और ‘हनुमान चालीसा’ का विधिवत पाठ करें। यह आपको मानसिक बल प्रदान करेगा।
- दान-पुण्य: अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और वस्त्रों का दान अवश्य करें। ऐसा करने से ग्रहों के दोष शांत होते हैं।





































