चढ़ावा चोरों के इस शातिर गिरोह का दूसरा सबसे बड़ा किरदार रमाशंकर मिश्रा नाम का व्यक्ति है। रमाशंकर मिश्रा को मुख्य आरोपी टिन्नू यादव की विशेष सिफारिश पर ही काम पर रखा गया था। रमाशंकर को सबसे पहले राम मंदिर के फैलिसिटेशन सेंटर में काम करने के लिए रखा गया था। इसके कुछ समय बाद ही वह व्यक्ति चढ़ावे की गिनती का काम भी मुख्य रूप से करने लगा था। एसआईटी की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रमाशंकर भी कई मौकों पर सीसीटीवी में रकम चुराता हुआ दिखा है।
अनुकल्प मिश्रा की वाउचर में हेराफेरी रमाशंकर मिश्रा के साथ चढ़ावा चोरी का तीसरा आरोपी अनुकल्प मिश्रा भी अब सलाखों के पीछे बंद है। अनुकल्प को रमाशंकर ने ही सिफारिश करके मंदिर में इस महत्वपूर्ण नौकरी पर रखवाया था। अनुकल्प मिश्रा पिछले दो साल से मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती के काम से जुड़ा हुआ था। जब गिनती के बाद चढ़ावे की रकम बैंक भेजी जाती थी, तो अनुकल्प मिश्रा ही उसका वाउचर बनाता था। एसआईटी को सबूत मिले हैं कि वह वाउचर बनाते समय रकम को कम दिखाता था और एक्स्ट्रा पैसा गायब कर देता था।
अनुकल्प की अवैध कमाई और आलीशान जीवन मंदिर में गिनती का काम मिलने के बाद से अनुकल्प मिश्रा की संपत्ति में काफी भारी बढ़ोतरी हुई। इसी काम के दौरान अनुकल्प मिश्रा ने अपने लिए पैंसठ लाख रुपये का एक महंगा घर खरीदा था। इस आलीशान घर को खरीदने के साथ ही उसने एक अपना एक फॉर्म हाउस भी बनाया था। जब उसने अपने घर में भागवत कथा कराई तो चंपत राय को भी अपने घर बुलाया था। चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों भागवत कथा के दौरान अनुकल्प मिश्रा के घर मेहमान बनकर गए थे।
लवकुश मिश्रा की बाथरूम वाली चोरी चढ़ावे की इस बड़ी लूट के आरोप में अनुकल्प मिश्रा का बहनोई लवकुश मिश्रा भी इस वक्त जेल में है। लवकुश मिश्रा को भी अनिल मिश्रा की विशेष सिफारिश पर ही मंदिर में यह नौकरी दी गई थी। सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान लवकुश की इस चोरी की वारदात का पूरा खुलासा हुआ है। सीसीटीवी में लवकुश को चढ़ावे की गिनती के दौरान पैसे चुराकर बाथरूम में जाते हुए देखा गया है। वह रुपयों को चुराने के तुरंत बाद उन्हें छिपाने के उद्देश्य से सीधे बाथरूम के अंदर चला जाता था।
गोबर के ढेर से पैसों की बरामदगी लवकुश मिश्रा की चोरी का खुलासा होने के बाद उसके घर की गहन रूप से तलाशी ली गई थी। खुद चंपत राय ने स्थानीय पुलिस टीम के साथ जाकर लवकुश मिश्रा के घर की यह तलाशी ली थी। पुलिस टीम ने चोरी का पैसा बरामद करने के लिए उसके घर के हर एक हिस्से की छानबीन की। इसी छानबीन के दौरान टीम को उसके घर के ठीक पीछे रखे हुए एक गोबर के ढेर पर शक हुआ। जब उस गोबर के ढेर की जांच की गई, तो वहां से पूरे बारह लाख रुपए नकद बरामद हुए थे।
शातिर चोरों और कैमरों का पूरा खेल टिन्नू यादव, मनीष यादव, लवकुश यादव और अनुकल्प मिश्रा समेत आठों चढ़ावा चोर बहुत ही शातिर थे। इन सभी को पता था कि राम मंदिर के काउंटिंग सेंटर में सीसीटीवी कैमरा कहां-कहां लगा हुआ है। उन्हें कैमरों के सभी ब्लैक स्पॉट पता थे और चोरी के समय कभी-कभी सीसीटीवी ऑफ कर दिया जाता था। कभी एक चोर कैमरे के सामने खड़ा होता था और दूसरा चोर बड़े आराम से चढ़ावा जेब में रख लेता था। लेकिन इन चोरों को काउंटिग रूम में लगे उस एक सीक्रेट कैमरे का बिल्कुल भी पता नहीं चल सका था।





































