उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल में दस जून की तारीख से एक नया और गंभीर विवाद तेजी से शुरू हो गया है। इस दिन सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव को लेकर टिप्पणी की गई। सोशल मीडिया पर किए गए इन पोस्ट्स में राजनीतिक मर्यादाओं को पार करते हुए बेहद अभद्र टिप्पणियां शामिल थीं। बात सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही बल्कि इन भ्रामक पोस्ट्स के जरिए उन पर चोरी करने जैसी बातें भी कही गई थीं। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर एक बहुत बड़ा बवाल खड़ा हो गया है।
सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बेटी के खिलाफ की गई इन अशोभनीय टिप्पणियों से समाजवादी पार्टी के भीतर भारी उबाल है। पार्टी के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं में इस कृत्य के खिलाफ बहुत ही जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। सपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि राजनीतिक लड़ाई को परिवारों तक ले जाना बेहद घटिया और निम्न स्तर की राजनीति है। इस अभद्र कृत्य को लेकर सपाई लगातार अपना विरोध जता रहे हैं और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस विवाद ने सत्तारूढ़ दल और मुख्य विपक्षी पार्टी के बीच चल रही राजनीतिक तल्खी को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
सपा मुखिया का तीखा तंज बेटी पर हुए इस हमले को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बिना सीधे तौर पर नाम लिए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा था। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं की तरफ इशारा करते हुए अपनी गहरी नाराजगी मीडिया के सामने व्यक्त की थी। अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसते हुए कहा था कि यह हमला इसलिए हो रहा है क्योंकि ऊपर बैठे दो लोगों का कोई परिवार नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि जिनके पास परिवार होता है केवल वे परिवार वाले ही परिवार वालों का दुख-दर्द समझ सकते हैं। उनका यह भी कहना था कि जो लोग कुर्सी पर बैठे हैं उन्हें दूसरों के परिवार वालों की कोई भी चिंता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने दिया करारा जवाब अखिलेश यादव के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी ओर से इस मुद्दे पर पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक रैली में अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा कि बेटी तो बेटी होती है और उसका सम्मान होना ही चाहिए। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जब यह मामला उनके संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों को उपदेश देने से पहले उन्हें अपने चेले-चपाटों को समझाना चाहिए। सीएम योगी ने यह भी कहा कि हमने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कोई भेदभाव नहीं किया क्योंकि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है।
भाषा सुधारने की दी नसीहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा कार्यकर्ताओं की बयानबाजी और भाषा शैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि दूसरों के प्रति कोई भी अभद्र टिप्पणी करने से पहले नेताओं को खुद अच्छे से सोचना और विचारना चाहिए। सीएम ने आरोप लगाया कि उनके लोग हमेशा बहन-बेटियों, घर के बुजुर्गों और दिवंगत नेताओं के प्रति खराब भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने सपा प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा होगा कि वे अपने इन नेताओं और लोगों को खुद ही समझा लें। अगर वे लोग नहीं समझ सकते तो उन्हें हमारे हवाले कर दें, हम उन्हें बहुत अच्छी तरह से समझा देंगे कि कैसे बोला जाता है।
कानपुर में पुलिस की कार्रवाई सोशल मीडिया पर फैलाई गई इस अभद्रता और राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस प्रशासन ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के सीधे आदेश के बाद पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित रूप से प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की जांच टीमें इन आरोपियों की पहचान पुख्ता करके उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की बहुत ही गहन और विस्तृत जांच की जा रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।





































