प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की अपनी पांच दिन की महत्वपूर्ण यात्रा के लिए नीस पहुंच चुके हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य दुनिया के प्रमुख विकास साझेदारों के साथ भारत के संबंधों को नई दिशा देना है। नीस शहर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी कई अहम कूटनीतिक और बहुपक्षीय बैठकों का हिस्सा बनेंगे। इस यात्रा के दौरान वह नवाचार पर केंद्रित कई प्रमुख कार्यक्रमों में भी विशेष रूप से हिस्सा लेंगे।
राष्ट्रपति के साथ अहम वार्ता अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी रविवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। आज भी दोनों दिग्गज नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण और औपचारिक मुलाकात निर्धारित की गई है। इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात में भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी। इस साल की शुरुआत में ही दोनों देशों के संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया था।
इनोवेशन कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के नीस शहर में ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह विशेष कार्यक्रम पूरी तरह से आधुनिक नवाचार और तकनीकी विकास के सहयोग पर केंद्रित रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी इस बड़े आयोजन में शामिल होने के लिए बहुत उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिए दोनों देशों के बीच तकनीकी क्षेत्र में साझेदारी को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
उद्योग जगत की भागीदारी ‘भारत इनोवेट्स’ नामक इस प्रमुख कार्यक्रम में दुनिया भर के कई उद्योग जगत के दिग्गज शामिल होने वाले हैं। इस विशेष मंच पर भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के हाई इनोवेशन स्टार्टअप भी एक साथ हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही विभिन्न अंतरराष्ट्रीय वेंचर कैपिटल फंड भी इस खास आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इससे व्यापारिक समुदाय को नए तकनीकी आविष्कारों पर काम करने का एक बेहतरीन और वैश्विक मौका मिलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात अपनी इस फ्रांस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी एक और बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। वह वैश्विक नेताओं के साथ मशहूर और प्रतिष्ठित जी-7 शिखर सम्मेलन में भी अपनी अहम भागीदारी निभाएंगे। इस बड़े शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक विशेष मुलाकात भी होगी। इस खास मुलाकात के दौरान दोनों विश्व नेताओं के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होने की प्रबल संभावना है।
वैश्विक रणनीतिक साझेदारी फ्रांस के अलग-अलग शहरों जैसे नीस, एवियन और पेरिस में भी प्रधानमंत्री के कई कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं। इन सभी जगहों पर होने वाली द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें भारत की विदेश नीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। इस पूरी कूटनीतिक यात्रा का मुख्य मकसद अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की दोस्ती और साझेदारी को मजबूत बनाना है। प्रधानमंत्री मोदी को पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक विदेशी दौरा भारत के लिए नई रणनीतिक सफलताएं लेकर आएगा।





































