आज का सम्पूर्ण ग्रह गोचर और नक्षत्र चार्ट (05 सितम्बर 2026)
वैदिक ज्योतिष के अनुसार आज 5 सितंबर 2026 को सभी 9 ग्रहों की स्थिति, उनके नक्षत्र और आगामी राशि परिवर्तन का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
| ग्रह | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन (कब बदलेंगे राशि?) |
| ☀️ सूर्य | सिंह | पूर्व फाल्गुनी | 17 सितम्बर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 🌙 चंद्रमा | वृषभ (सुबह 10:18 तक) इसके बाद मिथुन | मृगशिरा (रात 09:30 तक) इसके बाद आर्द्रा | हर सवा दो दिन में राशि बदलते हैं। अगला परिवर्तन 07 सितम्बर को कर्क राशि में होगा। |
| ☿️ बुध | सिंह | उत्तराफाल्गुनी (आज प्रवेश) | 07 सितम्बर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| ♀️ शुक्र | तुला | चित्रा | 02 अक्टूबर 2026 के आसपास वृश्चिक राशि में जाएंगे (हाल ही में 2 सितम्बर को तुला में आए हैं)। |
| ♂️ मंगल | मिथुन | पुनर्वसु | 18 सितम्बर 2026 को कर्क राशि (नीच राशि) में प्रवेश करेंगे। |
| ♃ गुरु (बृहस्पति) | कर्क (उच्च के) | अश्लेषा | 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। |
| ♄ शनि | मीन | रेवती | वर्ष 2026 में कोई राशि परिवर्तन नहीं है (मीन राशि में ही वक्री/मार्गी रहेंगे)। |
| ☊ राहु | कुंभ | धनिष्ठा | 05 दिसम्बर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। |
| ☋ केतु | सिंह | मघा | 05 दिसम्बर 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। |
आज के गोचर के मुख्य आकर्षण:
- चंद्र-मंगल धन योग: सुबह चंद्रमा के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही वहां पूर्व से स्थित मंगल के साथ युति बनी, जिससे महालक्ष्मी धन योग निर्मित हुआ।
- बुध का नक्षत्र परिवर्तन: आज ही के दिन (5 सितम्बर) बुद्धि के कारक बुध देव सूर्य के नक्षत्र ‘उत्तराफाल्गुनी’ में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
- उच्च के देवगुरु: देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं, जो धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यंत शुभ संकेत है।
ज्योतिषीय परिदृश्य एवं शुभ योगों का अद्भुत संयोग
5 सितंबर 2026 का दिन वैदिक ज्योतिष के दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ माना जा रहा है। आज सुबह 10 बजकर 19 मिनट (तथा पंचांग अनुसार 10:18 बजे) पर चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। मिथुन राशि में पहले से ही शक्ति और पराक्रम के कारक मंगल देव विराजमान हैं। ऐसे में मिथुन राशि में चंद्रमा और मंगल की युति से अत्यंत फलदायी ‘महालक्ष्मी राजयोग’ का निर्माण हो रहा है।
इसके साथ ही, मिथुन राशि में बैठे चंद्रमा का तुला राशि में विराजमान शुक्र देव के साथ ‘नवपंचम योग’ बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम योग को ज्ञान, भाग्य और आर्थिक समृद्धि दिलाने वाला योग माना गया है। इन दोनों महायोगों के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, आकस्मिक धन लाभ और करियर में बड़ी ऊंचाइयां प्राप्त होने के प्रबल संकेत हैं।
नवपंचम योग (चंद्र-शुक्र) से इन 4 राशियों को मिलेगा किस्मत का पूरा साथ
तुला राशि में स्वगृही शुक्र और मिथुन राशि में चंद्रमा के मध्य बनने वाला नवपंचम योग निम्नलिखित राशियों के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली सिद्ध होगा:
1. मिथुन राशि
- प्रभाव: चंद्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश कर शुक्र के साथ नवपंचम योग का निर्माण कर रहे हैं।
- शुभ फल: करियर एवं शिक्षा के क्षेत्र में नए और सुखद अवसर प्राप्त होंगे। मनचाही नौकरी का अवसर मिल सकता है। भाग्य का भरपूर सहयोग मिलेगा तथा पूर्व में किए गए वित्तीय निवेश से भविष्य में भारी मुनाफे के योग हैं।
2. सिंह राशि
- प्रभाव: चंद्रमा आपके एकादश (लाभ) भाव में तथा शुक्र तृतीय (पराक्रम) भाव में विराजमान हैं।
- शुभ फल: आय के नए और स्थायी स्रोत खुलेंगे। परिवार में खुशहाली रहेगी और अपनों के साथ श्रेष्ठ समय बिताएंगे। लंबे समय से कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में चल रहे विवादों में आपकी विजय होगी। सेहत में भी सकारात्मक सुधार दिखेगा।
3. तुला राशि
- प्रभाव: राशि स्वामी शुक्र आपके प्रथम भाव (लग्न) में हैं और चंद्रमा नवम (भाग्य) भाव में गोचर कर रहे हैं।
- शुभ फल: लंबे समय से अटके या रुके हुए कार्य स्वतः हल होने लगेंगे। नया वाहन, मकान या प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता और अटूट प्रेम का भाव बना रहेगा।
4. कुंभ राशि
- प्रभाव: यह योग आपके लिए आर्थिक मोर्चे पर अत्यंत फलदायी रहेगा।
- शुभ फल: अतीत में किए गए किसी निवेश से बड़ा रिटर्न मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगे छात्रों को सफलता हासिल होगी। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी।
महालक्ष्मी राजयोग (चंद्र-मंगल) से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
मिथुन राशि में मंगल और चंद्रमा की युति से निर्मित महालक्ष्मी राजयोग धन, ऐश्वर्य और व्यावसायिक सफलता का द्वार खोलता है:
1. वृषभ राशि
- प्रभाव: महालक्ष्मी राजयोग आपकी राशि के द्वितीय भाव (धन व वाणी स्थान) में बन रहा है।
- शुभ फल: अटका हुआ या फंसा हुआ पैसा अचानक वापस मिल सकता है। मीडिया, संचार एवं कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलेगा। किसी मांगलिक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त होगा।
2. मिथुन राशि
- प्रभाव: यह महालक्ष्मी राजयोग आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में बन रहा है।
- शुभ फल: आपकी आर्थिक स्थिति में अप्रत्याशित और बड़ा सुधार आएगा। कारोबारियों को अचानक बड़ा धन लाभ हो सकता है। नए व्यापारिक उपक्रम शुरू करने के लिए समय उत्तम है। दांपत्य जीवन में प्रगाढ़ता और निखार देखने को मिलेगा।
3. कुंभ राशि
- प्रभाव: आपकी राशि से पंचम भाव (लक्ष्मी स्थान) में इस राजयोग का निर्माण हो रहा है।
- शुभ फल: शेयर बाजार, सट्टा या लॉटरी आदि के माध्यम से जबरदस्त लाभ के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों का प्रमोशन और वेतन वृद्धि संभव है। अविवाहितों के लिए योग्य जीवनसाथी का रिश्ता आ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें दूर होंगी।













































