Lucknow में आयोजित एक उच्चस्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS की नींव रखी। इस विशेष कार्यक्रम में निगम का आधिकारिक लोगो जारी किया गया तथा इसके नए पोर्टल और वेबसाइट को सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मंच से कई आउटसोर्स कर्मियों को प्रोत्साहन स्वरूप चेक वितरित किए। इस नई डिजिटल पहल से राज्य में काम कर रहे लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों का मानव संसाधन प्रबंधन अब एकीकृत और व्यवस्थित हो जाएगा। इस ऐतिहासिक शुरुआत का उद्देश्य सेवाओं में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है।
सामाजिक न्याय और 20 लाख कर्मियों का कल्याण: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने घोषणा की कि UPCOS के गठन से प्रदेश के लगभग 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा सुरक्षा कवर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों से लेकर प्रशासनिक विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मी प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे सभी श्रमिकों के श्रम का सम्मान करना और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन देना सरकार का परम कर्तव्य है। आर्थिक भेदभाव को समाप्त किए बिना सामाजिक न्याय की कल्पना अधूरी है, इसलिए हर कर्मचारी को उसके कार्य का सही मूल्य दिया जाएगा। इस निगम के माध्यम से कर्मियों को सेवा सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।
पारदर्शिता और बिचौलियों का अंत: UPCOS पोर्टल के क्रियान्वयन से आउटसोर्सिंग क्षेत्र में सक्रिय बिचौलियों का प्रभाव पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। कर्मचारियों को उनके वेतन, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं से जुड़ी हर जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम से प्राप्त होगी। Yogi Adityanath ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आउटसोर्स कर्मियों को उनका मानदेय और वेतन पूरी तरह समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी कर्मचारी का शोषण न हो और उनकी मेहनत को नजरअंदाज न किया जाए, इसके लिए शिकायत निवारण तंत्र भी बनाया गया है। अब कर्मचारी सीधे अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे।
कर्मचारियों के विश्वास को मजबूती: मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच का संबंध केवल वित्तीय लेन-देन या वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास पर टिका है। इस विश्वास को मजबूत करने के लिए ही एक ऐसा तंत्र विकसित किया गया है जहां कर्मचारी के प्रदर्शन का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा। यदि कर्मचारी बेहतर काम करता है तो उसका पूरा विवरण इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। कर्मचारियों में सुरक्षा का भाव पैदा करना ही UPCOS का मुख्य लक्ष्य है। अब किसी भी कर्मचारी को यह नहीं लगेगा कि संकट या जरूरत के समय प्रशासन में उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
साढ़े नौ साल का रिपोर्ट कार्ड: भर्ती प्रक्रियाओं में आए बदलाव का जिक्र करते हुए Yogi Adityanath ने कहा कि 2017 से पहले पेपर लीक और अदालती रुकावटों के कारण युवाओं का भविष्य अधर में लटका रहता था। उनकी सरकार ने इस माहौल को बदलकर पूर्ण पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित की है, जहां युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार द्वारा साढ़े नौ लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि आगामी छह महीनों के भीतर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
तकनीक से सशक्त बनते श्रमिक: Lucknow में UPCOS की शुरुआत से उत्तर प्रदेश ने आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन में तकनीक के उपयोग का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। डिजिटल एकीकरण के माध्यम से अब पूरी प्रक्रिया सुलभ, सरल और विवाद रहित बनेगी। इस नई व्यवस्था से जहां प्रशासनिक कार्यों में दक्षता आएगी, वहीं कर्मचारियों को समय पर आर्थिक लाभ और सुरक्षा मिलेगी। UPCOS के जरिए सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों की रक्षा का मजबूत संदेश दिया है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य क्षेत्रों और व्यवस्थाओं के लिए भी एक बेहतर मिसाल साबित होगा।












































