उत्तर प्रदेश में नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के चलते 04 सितंबर 2026 को 26 जिले बाढ़ की गंभीर चपेट में आ गए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस भीषण प्राकृतिक आपदा से राज्य की लगभग 3.53 लाख आबादी प्रभावित हुई है। राज्य सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियानों के तहत अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। बेघर हुए लोगों के लिए प्रदेश भर में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं जहां 4,847 लोग रह रहे हैं।
वाराणसी और प्रमुख शहरों का हाल: वाराणसी में गंगा और वरुणा नदियां चेतावनी बिंदु को पार कर गई हैं, जिससे रिहायशी इलाकों की सड़कों पर नावें चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी और मेयर से सीधे फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति का विवरण लिया और राहत कार्य तेज करने के आदेश दिए। प्रयागराज में मुख्य सड़कें डूबने से 20-25 गांवों का संपर्क टूट गया है। राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज और अन्य इलाकों में भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
चित्रकूट और गाजीपुर में सफल ऑपरेशन: चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 135.20 मीटर के रिकॉर्ड स्तर से घटकर 128.00 मीटर पर आ गया है, जहां 36 गांवों के 13,906 लोगों को खाद्य सामग्री और चिकित्सा सहायता दी गई है। जिले में 688 लोगों को रेस्क्यू किया गया और 28,803 लंच पैकेट बांटे गए हैं। उधर गाजीपुर जिले में ददरी घाट के पास गंगा के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2,000 से अधिक भेड़ों को पुलिस, पीएसी और स्थानीय नाविकों ने नाइट-विजन ड्रोन की सटीक लोकेशन के आधार पर रेस्क्यू कर नई जिंदगी दी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत वितरण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ क्षेत्रों में 1,697 नावों व मोटरबोट्स और 1,634 बाढ़ चौकियों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। प्रभावित परिवारों को अब तक 72,897 खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। मकान क्षति के तहत चित्रकूट में 188 लाभार्थियों को 7.52 लाख रुपये दिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित 45 हजार से अधिक मवेशियों के लिए 5,000 क्विंटल से अधिक भूसा भेजा गया है। एनडीआरएफ की 30 और एसडीआरएफ की दो टीमों के 27 सदस्य लगातार मैदान में डटे हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा और चिकित्सा दल: बाढ़ के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए राज्य में 1,068 मेडिकल टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। प्रभावितों के बीच 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन की गोलियां और 1.87 लाख ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। चित्रकूट में 28 मेडिकल टीमें लगातार गांवों में शिविर लगाकर दवाएं बांट रही हैं और फसलों के नुकसान का सर्वे कर रही हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार राहत तंत्र की त्वरित कार्रवाई के कारण राज्य में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की दुखद खबर नहीं आई है।
अन्य प्रभावित जिले और मौसम पूर्वानुमान: प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में चंदौली, मिर्जापुर, चंदौली, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बदायूं, कुशीनगर, गोंडा, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मऊ, मुरादाबाद, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और उन्नाव शामिल हैं। गोरखपुर में 11 पंपिंग स्टेशनों के जरिए पानी निकाला जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि मध्य प्रदेश के बाणसागर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना रहेगा।














































