भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रतिष्ठित नौकरी और पावर को छोड़कर अभिनय की अनिश्चित दुनिया में कदम रखना बेहद जोखिम भरा फैसला माना जाता है। लेकिन IAS अधिकारी रहे Vadlamani Srinivas ने अपनी 23 सालों की शानदार सरकारी सेवा और लग्जरी जीवन को त्यागकर Tollywood में अभिनय का रास्ता चुना। उन्होंने UPSC और APPSC जैसी कठिन परीक्षाएं पास की थीं और अपने करियर में Visakhapatnam में Joint Collector जैसे उच्च और जिम्मेदारी भरे पद पर आसीन रहे। हालांकि कला और फिल्मों के प्रति उनका रुझान बचपन से ही बहुत गहरा था, लेकिन उन्होंने पेशेवर अभिनेता बनने का मन बाद में बनाया। आज वे दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे व्यस्त और पहचाने जाने वाले कैरेक्टर आर्टिस्ट्स में शामिल हो चुके हैं।
किसान परिवार से उच्च शिक्षा का सफर: Vadlamani Srinivas का जन्म Andhra Pradesh के East Godavari जिले के Nandampudi गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद Amalapuram से गणित विषय में BSc की डिग्री सफलतापूर्वक पूरी की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने Osmania University में दाखिला लिया और प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति व कला में MA की डिग्री हासिल की। इतिहास में गहरी रुचि होने के कारण उन्होंने इसी विषय में अपनी PhD की उपाधि भी पूरी की। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद भी उनकी पढ़ने-लिखने और कला के प्रति रुचि हमेशा बरकरार रही, जिसने उन्हें अभिनय की दिशा में जाने के लिए प्रेरित किया।
संयोग से मिला पहला फिल्मी ब्रेक: सरकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देने के दौरान ही एक पारिवारिक मित्र और निर्देशक Kalyan Krishna ने उन्हें अपनी फिल्म में एक छोटा रोल दिया। फिल्म Rarandoi Veduka Chudham में मिला यह छोटा सा अवसर उनके भीतर छिपे कलाकार को बाहर लाने में पूरी तरह सफल रहा। इसके तुरंत बाद निर्देशक Maruthi ने उन्हें फिल्म Mahanubhavudu में एक और बेहतर किरदार निभाने का मौका प्रदान किया। इन शुरुआती अवसरों के बाद उन्होंने अपनी ड्यूटी संभालते हुए Geetha Govindam, F2, V और Manchi Rojulochaie जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया। लगातार मिल रही तारीफों और अच्छे ऑफर्स को देखते हुए उन्होंने अंततः अपनी 23 साल पुरानी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया।
इंडस्ट्री में पहचान और फीस का सफर: Vadlamani Srinivas ने हाल ही में अपने साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि सिर्फ प्रशासनिक पद पर होने से किसी को फिल्मों में काम नहीं मिल जाता। हालांकि उन्होंने माना कि पूर्व IAS अधिकारी होने की वजह से बड़े निर्माताओं और निर्देशकों तक उनकी पहुंच आसान हो गई थी। वित्तीय यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि अपनी पहली फिल्म के लिए उन्हें महज 10,000 रुपये की पहली फीस प्राप्त हुई थी। लेकिन Shailaja Reddy Alludu के समय तक उनकी दैनिक फीस 30,000 रुपये हो गई थी, जो अब बढ़कर 50,000 से 60,000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच चुकी है। वर्तमान में वे अभिनय के माध्यम से सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं।
सरकारी रुतबे और अनिश्चित जीवन की तुलना: एक प्रशासनिक अधिकारी और एक अभिनेता के जीवन की तुलना करते हुए उन्होंने अपने पुराने दिनों को भी याद किया। नौकरी त्यागने के समय उनके, उनकी पत्नी और बेटी के लिए अलग-अलग सरकारी गाड़ियां और घर पर 10 नौकर-चाकर तैनात रहते थे। इतने बड़े रुतबे और सुविधाओं वाले जीवन को छोड़कर एक नए क्षेत्र में खुद को ढालना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण कदम था। लेकिन फिल्म उद्योग के सकारात्मक और सहयोगी माहौल ने उनके इस बदलाव को काफी आसान और रोमांचक बना दिया। उन्होंने बताया कि सरकारी सेवा का सम्मान अपनी जगह था, लेकिन कैमरे के सामने अभिनय करने से उन्हें जो खुशी मिलती है, उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।
आगामी प्रोजेक्ट्स और 100 फिल्मों का लक्ष्य: Vadlamani Srinivas ने फिल्म Bhagavanth Kesari और Peddakapoo 1 में अपने नकारात्मक और ग्रे शेड्स वाले किरदारों से दर्शकों को चौंका दिया था। हाल ही में वे Ram Charan की Game Changer, Venkatesh की Sankranthiki Vasthunam और Nandamuri Balakrishna की Daaku Maharaaj जैसी बड़ी फिल्मों में नजर आए हैं। वर्तमान में वे सुपरस्टार Prabhas की बहुप्रतीक्षित फिल्म और Naa Saami Ranga सहित 25 से अधिक बड़े प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं। अब तक 70 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके श्रीनिवास जल्द ही वाराणसी और कोहिनूर जैसी आगामी फिल्मों में दिखेंगे। बहुत जल्द उनका नाम टॉलीवुड में 100 फिल्में पूरी करने वाले कलाकारों की खास सूची में शामिल हो जाएगा।















































