उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में करीब 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल एक सप्ताह के दौरान ही पांच हजार से ज्यादा नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नियुक्तियां देती रहेगी और जो लोग संख्या पर सवाल उठा रहे हैं, वे इसे गिनते रहें। मुख्यमंत्री के अनुसार, नियुक्तियों का अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
पहले की भर्ती व्यवस्था पर आरोप: मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी स्थिति थी कि परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को मिल जाती थी। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती के दौरान सिफारिश और पैसों के लेनदेन की शिकायतें सामने आती थीं। उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार पाने की समस्या के साथ प्रदेश की पहचान से जुड़ी चुनौती भी खड़ी हो गई थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रदेश के युवाओं को उत्तर प्रदेश से बाहर भी संदेह की नजर से देखा जाता था।
नियुक्तियों की संख्या पर राजनीतिक तंज: मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों की संख्या को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार नियुक्ति पत्र देती जाएगी और विपक्ष उन्हें गिनता रहेगा। इसी दौरान उन्होंने शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को गिनती करने में दिक्कत हो तो वह उनके साथ बैठकर गिनती सीख सकता है। मुख्यमंत्री ने शिवपाल यादव को पढ़ा-लिखा बताते हुए यह टिप्पणी की। यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार की ओर से लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री ने आने वाले छह महीनों में एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां देने की बात कही है।
पुलिस और अन्य विभागों में नियुक्तियां: हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में अलग-अलग विभागों और सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इसके बाद पुलिस से जुड़े पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इन दोनों कार्यक्रमों में 48 घंटे के भीतर कुल 1,730 नियुक्तियां शामिल रहीं। पुलिस से जुड़ी नियुक्तियों में गोपनीय उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और सहायक उपनिरीक्षक लेखा जैसे पद शामिल थे।
शिक्षा से विकास का संबंध: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालयों के दौर में भारत की पहचान विश्वगुरु के रूप में थी। उनके मुताबिक, यह विरासत आज भी मौजूद है और उसे समझने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उस ढांचे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का काम प्रशिक्षित विद्यार्थियों और युवाओं की क्षमता से होगा। इसी तरह उद्योग लगाने के लिए सरकार वातावरण और सहायता उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उद्योगों को नवाचार और रोजगार का आधार बनाने में प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अहम होगी।
लेनदेन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी: मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों में किसी भी तरह की अवैध मांग को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक की ओर से लेनदेन की मांग की जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल जाना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए भी काम कर रही है। इसके लिए औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर नए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके।
आगे भी जारी रहेगा नियुक्तियों का सिलसिला: मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया आने वाले समय में भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र देती रहेगी और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हाल के कार्यक्रमों में भी सरकार ने भर्ती और नियुक्तियों की गति पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इस लक्ष्य के तहत अलग-अलग भर्ती संस्थाओं और विभागों में चल रही प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।












































