मेले में पहुंचे दूर-दूर से किताबों के रसिया और साहित्यकार
चला विमोचन और सम्मान समारोहों का दौर
लखनऊ। बलरामपुर गार्डन अशोक मार्ग पर चल रहा 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला कल समाप्त हो जायेगा।
अंतिम दिनों में मेले में भीड़ बढ़ गयी है। मेले में दूसरे शहरों से आने वाले पुस्तक प्रेमियों, रचनाकारों और कलाकारों की भी बड़ी संख्या है। बीकानेर से 26 पुस्तकों के रचयिता शिवशंकर सैनी पुस्तक मेले के खासतौर से लखनऊ आए। बाराबंकी के रंगकर्मी सुधीर तीसरी बार मेले में आए। सीतापुर के केशव अपने खीरी के मित्रों राघवेन्द्र और नरेश के साथ आये और करीब नौ हजार रुपये की किताबें ले गये। कवयित्री सोनरूपा विशाल विशेष साहित्यिक आयोजनों के लिये बदायूं से आईं। स्टालधारक राकेश और अतुल माहेश्वरी ने बताया कि इस बार युवा पुस्तक प्रेमी ज्यादा आए। स्थानीय प्रकाशकों के बीच हिन्दी वांग्मय निधि के स्टाल पर लखनवी संस्कृति और व्यक्तित्वों से जुड़ी 45 पुस्तिकाएं हैं।
मुफ्त प्रवेश और सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक चलने वाले इस मेले में यूं तो हर पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है, पर बहुत से स्टालों में छूट ज्यादा है। ज्योति बुक्स में काफी टेबल किताबों पर 50 से 75 प्रतिशत तक छूट है। नमन प्रकाशन में 50 प्रतिशत, हिन्दी संस्थान में 15, प्रकाशन विभाग में 2019 से पहले की किताबों पर 50 प्रतिशत तक छूट है।
मेले के मंच आज सम्मान समारोहों के नाम ज्यादा रहे। सुबह निखिल प्रकाशन के समारोह के बाद दि ट्रिब्यून का समारोह हुआ। केपी सिंह के संयोजन में ट्रिब्यून के समारोह में अतिथियों डा. आर.के. विश्वकर्मा, सुधीर मिश्रा, राजेश कुमार, दिनेश कुमार सहगल व मनोज सिंह चंदेल ने चिकित्सक डा. एसएन गुप्ता, डा. ममता गुप्ता, डा. आरपी सिंह, डा. कुमुदिनी चौहान, डा. प्रियंका सिंह, डा. वरदा अरोड़ा, डा. बीपी सिंह, डा.मनु रस्तोगी, डा.एसके द्विवेदी, डा.सौम्येन्द्र विक्रम सिंह, प्रो. अभिजीत चंद्रा, डा. पंकज कुमार श्रीवास्तव, डा.आलोक नाथ, डा. अंकित कुमार साहू, डा.मनमीत सिंह, डा. प्रसून कांत शमशेरी, डॉ. दर्शन कपूर, डॉ. स्मृति अग्रवाल, डॉ. फिरोज मोहम्मद खान, डॉ. अहमद इमरान हनफी, प्रो. अविनाश चंद्र श्रीवास्तव, डा. अमलांशु रमन, डा. आलोक संगम, डा. चंद्र प्रकाश दुबे, डा. नवनीत त्रिपाठी, डा. आनंद सागर पांडे, डा.रमेश कोहली, डा. नीता सिंह, प्रो.अनु कोहली, कमांडर सुमित घोष, रोहित मांगलिक, रंजीत सिंह रावत, जितेंद्र चुटानी, तरुण कुमार, बृजेंद्र सिंह, ख्याति अग्रवाल गुप्ता आदि को स्मृतिचिन्ह अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
अन्य आयोजनों के बीच वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्र की वाणी से प्रकाशित किताब ‘दिल्ली दरबार’ भी चर्चा में रही।
दूसरे मंच पर जनवीणा द्वारा प्रकाशित
डा.अभिनव दीक्षित की किताब ‘हिडेन वेटलैण्ड्स’ का विमोचन डा.एसके गोपाल के संयोजन में हुआ। बाद में रचना पाठ चला। परिसर में एमिटी विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग द्वारा सहायक प्रोफ़ेसर अंशुमा दुबे के मार्गदर्शन में कल के बाद आज भी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
आज के कार्यक्रम/ 11 अक्टूबर
सुबह 11:00 बजे
सम्मान समारोह- नवसृजन,
अपराह्न 12:30 बजे लघुकथा सम्मेलन,
अपराह्न 2:00 बजे पुस्तक विमोचन- रमाकांत संस्थान
अपराह्न 3:00 बजे
पुस्तक विमोचन- डा.अमिता दुबे
शाम 5: 00 बजे समापन समारोह- मेला समिति
शाम 6: 30 बजे
संगीत कार्यक्रम- सांत्वना तिवारी
शाम 7: 30 बजे
दास्तानगोई- अरशाना अज्मत
दूसरे क्रियेटर लाउंज पर
एल्बम लांचिंग- तू मेरी धड़कन
शाम 5: 00 बजे
शाम 6: 00 बजे डाण्डिया नाइट










































