11 अक्टूबर 2026, दिन रविवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है और मां दुर्गा की आराधना के साथ नौ दिवसीय पर्व का शुभारंभ होगा। प्रतिपदा तिथि रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी। रविवार को रात 9 बजकर 6 मिनट तक वैधृति योग और रात 10 बजकर 33 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ-अशुभ समय, चौघड़िया, राहुकाल और सूर्य-चंद्रमा से जुड़ी प्रमुख जानकारियां।
मुख्य पंचांग विवरण
वार: रविवार
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि संवत्सर
शक संवत: 1948, पराभव संवत्सर
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद ऋतु
मास: आश्विन मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: प्रतिपदा, रात 9:32 बजे तक; इसके बाद द्वितीया
नक्षत्र: चित्रा, रात 10:33 बजे तक; इसके बाद स्वाति
योग: वैधृति, रात 9:06 बजे तक; इसके बाद विष्कुम्भ
सूर्य राशि: कन्या
चंद्र राशि: कन्या, सुबह 10:03 बजे तक; इसके बाद तुला
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:40 बजे से 05:30 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 05:05 बजे से 06:19 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:04 बजे से 02:50 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:56 बजे से 06:21 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 05:56 बजे से 07:10 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:55 बजे से शाम 05:34 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 12 अक्टूबर को रात 12:33 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल (दिल्ली मानक): शाम 04:29 बजे से 05:56 बजे तक
यमगण्ड काल: दोपहर 12:08 बजे से 01:35 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 03:07 बजे से शाम 04:34 बजे तक
दुर्मुहूर्त: शाम 04:28 बजे से 05:14 बजे तक
वर्ज्य: सुबह 05:58 बजे से 07:37 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा वर्जित मानी जाती है)
दिशाशूल निवारण के अचूक उपाय (रविवार के लिए)
- यात्रा से पहले क्या खाएं: घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दलिया, घी या पान खाकर निकलें। रविवार के दिन इन्हें खाकर यात्रा शुरू करने से दिशाशूल का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
- विपरीत दिशा में कदम (उल्टी चाल): घर की चौखट से बाहर निकलते समय सबसे पहले अपना दाहिना (Right) पैर आगे बढ़ाएं। पश्चिम दिशा में जाने से पहले पूर्व या उत्तर दिशा की ओर 5 या 7 कदम चलें, फिर घूमकर अपनी यात्रा की ओर बढ़ें।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 06:19 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:56 बजे
चन्द्रोदय: 11 अक्टूबर 6:47 AM
चन्द्रास्त: 11 अक्टूबर 6:19 PM
दिन की चौघड़िया
दिन की चौघड़िया सुबह 06:19 बजे से शाम 05:56 बजे तक रहेगी।
| समय | चौघड़िया | प्रकृति |
|---|---|---|
| सुबह 06:19 से 07:46 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| सुबह 07:46 से 09:13 बजे तक | चर | सामान्य |
| सुबह 09:13 से 10:41 बजे तक | लाभ | शुभ, उन्नति |
| सुबह 10:41 से दोपहर 12:08 बजे तक | अमृत | सर्वोत्तम |
| दोपहर 12:08 से 01:35 बजे तक | काल | अशुभ |
| दोपहर 01:35 से 03:02 बजे तक | शुभ | शुभ |
| दोपहर 03:02 से 04:29 बजे तक | रोग | अशुभ |
| शाम 04:29 से 05:56 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
रात्रि की चौघड़िया
रात्रि की चौघड़िया शाम 05:56 बजे से अगले दिन सुबह 06:20 बजे तक रहेगी।
| समय | चौघड़िया | प्रकृति |
|---|---|---|
| शाम 05:56 से 07:29 बजे तक | शुभ | शुभ |
| शाम 07:29 से 09:02 बजे तक | अमृत | सर्वोत्तम |
| रात 09:02 से 10:35 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 10:35 से 12:08 बजे तक | रोग | अशुभ |
| रात 12:08 से 01:41 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 01:41 से 03:14 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 03:14 से 04:47 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| सुबह 04:47 से 06:20 बजे तक | शुभ | शुभ |
राज्यवार राहुकाल
नीचे 11 अक्टूबर 2026, रविवार के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियों में स्थानीय सूर्योदय के आधार पर दिए गए अनुमानित राहुकाल का विवरण है।
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी/प्रमुख शहर | राहुकाल का समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | शाम 04:16 से 05:42 बजे तक |
| 2 | दिल्ली (एनसीटी) | नई दिल्ली | शाम 04:29 से 05:56 बजे तक |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | शाम 04:32 से 05:59 बजे तक |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | शाम 04:19 से 05:48 बजे तक |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 03:32 से शाम 04:57 बजे तक |
| 6 | असम | दिसपुर | दोपहर 03:39 से शाम 05:04 बजे तक |
| 7 | बिहार | पटना | शाम 04:00 से 05:26 बजे तक |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | शाम 04:18 से 05:45 बजे तक |
| 9 | गोवा | पणजी | शाम 04:42 से 06:11 बजे तक |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | शाम 04:51 से 06:19 बजे तक |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | शाम 04:31 से 05:58 बजे तक |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | शाम 04:29 से 05:56 बजे तक |
| 13 | झारखंड | रांची | शाम 04:04 से 05:31 बजे तक |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | शाम 04:34 से 06:03 बजे तक |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | शाम 04:38 से 06:08 बजे तक |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | शाम 04:32 से 05:59 बजे तक |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | शाम 04:49 से 06:17 बजे तक |
| 18 | मणिपुर | इम्फाल | दोपहर 03:29 से शाम 04:54 बजे तक |
| 19 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 03:38 से शाम 05:03 बजे तक |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 03:32 से शाम 04:57 बजे तक |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 03:28 से शाम 04:53 बजे तक |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | शाम 04:05 से 05:32 बजे तक |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | शाम 04:31 से 05:58 बजे तक |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | शाम 04:38 से 06:05 बजे तक |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 03:51 से शाम 05:17 बजे तक |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | शाम 04:24 से 05:54 बजे तक |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | शाम 04:25 से 05:53 बजे तक |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 03:35 से शाम 05:00 बजे तक |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | शाम 04:26 से 05:53 बजे तक |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 03:52 से शाम 05:19 बजे तक |
11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र के आरंभ के साथ भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे और घरों तथा मंदिरों में घटस्थापना की तैयारियां होंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में पूजा और कलश स्थापना करना विशेष फलदायी माना जाता है। दिन में किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाते समय स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ-अशुभ समय का ध्यान रखें। राहुकाल और अन्य अशुभ अवधियों को लेकर परंपरागत मान्यताओं का पालन करने वाले लोग इन समयों में नए शुभ कार्यों की शुरुआत से बचते हैं।












































