भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर को शुरुआती सुस्ती के बाद शानदार रिकवरी देखने को मिली। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में जोरदार खरीदारी होने से घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में पहुंच गए। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 300 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,225.42 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 90 अंक यानी 0.40 प्रतिशत चढ़कर 22,453.10 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार में सभी शेयरों में तेजी नहीं रही और शुरुआती कारोबार के आंकड़ों में गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से अधिक रही। बाजार की इस मिली-जुली तस्वीर के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आई खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया और शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में तेजी लौटती दिखाई दी।
आईटी क्षेत्र में सबसे ज्यादा तेजी, एचसीएल टेक और टीसीएस चमके: मंगलवार के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक में 2.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे अधिक रही। दिग्गज कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का असर पूरे क्षेत्र पर दिखाई दिया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर 4.34 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर 4.28 प्रतिशत चढ़े। टेक महिंद्रा में 2.60 प्रतिशत और इन्फोसिस में 1.86 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में बढ़त ने बाजार की रिकवरी को मजबूती दी। इसके अलावा बैंकिंग और उपभोक्ता क्षेत्र के कुछ सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। बाजार में आईटी शेयरों की खरीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, क्योंकि इसी क्षेत्र ने अन्य क्षेत्रों के मुकाबले सबसे अधिक मजबूती दिखाई।
बैंकिंग, सेवा और एफएमसीजी सूचकांक भी बढ़त में: आईटी क्षेत्र के अलावा कई अन्य क्षेत्रीय सूचकांकों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी बैंक में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी सर्विसेज सूचकांक 0.59 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी एफएमसीजी में 0.22 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में 0.20 प्रतिशत की तेजी रही। इससे संकेत मिला कि बाजार की मजबूती केवल सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बैंकिंग, सेवा, दैनिक उपभोग की वस्तुओं और रियल एस्टेट से जुड़े कुछ शेयरों में भी खरीदारी हुई। हालांकि, सभी क्षेत्रों में समान तेजी नहीं रही। निफ्टी एनर्जी सूचकांक 0.68 प्रतिशत गिर गया, जबकि निफ्टी फार्मा में 0.62 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इस तरह बाजार में एक ओर कई क्षेत्रों में खरीदारी दिखाई दी, तो दूसरी ओर ऊर्जा और दवा कंपनियों से जुड़े शेयर दबाव में रहे।
एचडीएफसी बैंक और अडानी एंटरप्राइजेज में तेजी, कई शेयरों पर दबाव: निफ्टी के प्रमुख शेयरों में आईटी कंपनियों के साथ बैंकिंग, उपभोक्ता और धातु क्षेत्र के कुछ शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस के अलावा एचडीएफसी बैंक के शेयर 1.34 प्रतिशत तथा अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 1.06 प्रतिशत मजबूत हुए। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और हिंडाल्को भी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। मैक्स हेल्थकेयर के शेयर 1.10 प्रतिशत और एनटीपीसी के शेयर 1.13 प्रतिशत गिर गए। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन में 0.86 प्रतिशत की कमजोरी रही। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और आयशर मोटर्स के शेयरों में भी दबाव देखा गया। इस तरह प्रमुख कंपनियों में तेजी और गिरावट का मिला-जुला रुख बना रहा, जबकि आईटी शेयर बाजार की मजबूती के प्रमुख सहारे के रूप में सामने आए।
बाजार में गिरावट वाले शेयर ज्यादा, खरीदारी का रुख मिला-जुला: प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के बावजूद शुरुआती कारोबार में बाजार की व्यापक स्थिति पूरी तरह मजबूत नहीं दिखाई दी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 1,147 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,587 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, 144 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इन आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी के ऊपर जाने के बावजूद बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से अधिक थी। इसका मतलब है कि तेजी का लाभ सभी कंपनियों तक समान रूप से नहीं पहुंचा। आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में मजबूत खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन अन्य क्षेत्रों में कमजोरी बनी रही। निवेशकों के लिए बाजार की दिशा समझते समय केवल सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त ही नहीं, बल्कि अलग-अलग शेयरों और क्षेत्रों के प्रदर्शन पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण रहा।
डॉलर के मुकाबले रुपया 62 पैसे मजबूत होकर 95.16 पर पहुंचा: भारतीय शेयर बाजार में तेजी के बीच मंगलवार, 13 अक्टूबर को रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से रुपये पर दबाव कम करने के लिए नए कदम उठाए जाने के बाद घरेलू मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर खुली। रुपया 62 पैसे की बढ़त के साथ प्रति डॉलर 95.16 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को रुपया 95.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस तरह एक कारोबारी सत्र में रुपये की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया। मुद्रा बाजार में इस मजबूती के साथ शेयर बाजार में भी प्रमुख सूचकांक बढ़त पर रहे, हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला था। मंगलवार के कारोबार की प्रमुख तस्वीर यह रही कि आईटी कंपनियों में जोरदार खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा मिला, जबकि रुपये ने भी डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज की।














































