शोभन योग का समय
शोभन योग का प्रारंभ: 15 अक्टूबर 2026, रात 9 बजकर 15 मिनट
शोभन योग की समाप्ति: 16 अक्टूबर 2026, रात 10 बजकर 6 मिनट
शोभन योग किन कारणों से बनता है?
वैदिक ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा की निरयन स्थितियों के आधार पर नित्य योग की गणना की जाती है। इसी गणना के क्रम में शोभन योग बनता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह योग कार्यों में प्रगति, प्रतिष्ठा और रचनात्मक प्रयासों के लिए शुभ माना जाता है।
शोभन योग से शुभ फल पाने वाली राशियां
मिथुन राशि: कार्यक्षेत्र में नए संपर्क लाभ देंगे। बातचीत, विचार-विमर्श और योजनाओं को आगे बढ़ाने में सफलता मिलेगी।
कन्या राशि: व्यवस्थित प्रयासों से काम पूरे होंगे। जिम्मेदारियों को निभाने और महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने में लाभ मिलेगा।
वृश्चिक राशि: कार्यक्षेत्र में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने और लंबित कार्य पूरे करने में सफलता मिलेगी।
मकर राशि: कामकाज में स्थिरता बढ़ेगी। योजनाबद्ध तरीके से किए गए प्रयास आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में लाभ देंगे।
कुंभ राशि: नए विचारों और सहयोग से आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। रचनात्मक कार्यों और संपर्कों से लाभ होगा।
सूर्य-शुक्र की युति से प्रभावित राशियां
सूर्य 17 अक्टूबर 2026 को कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे। शुक्र पहले से ही तुला राशि में स्थित हैं। ऐसे में तुला राशि में सूर्य और शुक्र की युति बनेगी। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस युति का कुछ राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वृषभ राशि: सूर्य और शुक्र की युति आपके छठे भाव में बनेगी। ज्योतिष में इस भाव का संबंध रोग और शत्रुओं से माना जाता है। कार्यक्षेत्र में विरोधी आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए अपने काम पर ध्यान दें और अनावश्यक विवादों से दूर रहें। पाचन तंत्र से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। बड़ी रकम का निवेश सोच-समझकर करें।
उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें।
वृश्चिक राशि: सूर्य और शुक्र की युति आपके हानि भाव में होगी। इस दौरान खर्च बढ़ने से आर्थिक बजट प्रभावित हो सकता है। पारिवारिक मामलों में मतभेद और कार्यक्षेत्र में राजनीति से परेशानी हो सकती है। बातचीत में संयम रखें और यात्रा के दौरान कीमती सामान की सुरक्षा करें।
उपाय: ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करें।
मीन राशि: सूर्य और शुक्र की युति आपके आठवें भाव में होगी। ज्योतिष में इस भाव का संबंध अचानक होने वाली घटनाओं से माना जाता है। तनाव बढ़ाने वाली परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। जीवनसाथी के साथ मतभेद से बचने के लिए बातचीत में संयम रखें। नौकरी बदलने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें। विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने के लिए योग और ध्यान करना लाभकारी रहेगा।
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
निष्कर्ष: राशियों का यह फलादेश आज की नौ ग्रहों की ज्योतिषीय गणना पर आधारित है। हालांकि, व्यक्ति की जन्म लग्न कुंडली, दशा तथा ग्रहों की स्थिति के अनुसार फलादेश में कुछ कम-अधिक हो सकता है।













































