उधमपुर
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रामबन शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद अलीयास खान ने शहर में कमर्शियल यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले दो महीने तक अथवा आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगी।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, रामबन शहर में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी कमर्शियल यात्री वाहनों, जिनमें सूमो, बसें, मिनी बसें और इको वाहन शामिल हैं, को निर्धारित एकतरफा मार्ग का ही इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा सभी प्रकार के लोड कैरियर वाहनों पर भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।
शान पैलेस नाके से शहर में दाखिल होंगे कमर्शियल वाहन
नई यातायात व्यवस्था के तहत कमर्शियल वाहनों को शान पैलेस नाके से शहर में प्रवेश करना होगा। इसके बाद वाहन बोवली बाजार, टी-चौक, बस स्टैंड और कैफेटेरिया चौक से होकर गुजरेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैफेटेरिया चौक की तरफ से बस स्टैंड में कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इस मार्ग का इस्तेमाल केवल वाहनों की निकासी के लिए किया जाएगा।
प्रशासन ने बाजार और व्यस्त मार्गों पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से मालवाहक वाहनों के लिए लोडिंग और अनलोडिंग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिसूचित मार्गों पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सामान की लोडिंग और अनलोडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य बस स्टैंड, टी-चौक, बोवली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में यातायात को व्यवस्थित करना है, जहां अक्सर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
नई व्यवस्था से ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामबन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक (राष्ट्रीय राजमार्ग) और सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की संबंधित धारा के तहत जारी किया है। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने से रामबन शहर में यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
















































