ग्रहों की वर्तमान स्थिति 22 सितंबर 2026 को वैदिक ज्योतिष की गणना के अनुसार सूर्य कन्या राशि में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित हैं और उनका अगला राशि परिवर्तन 17 अक्टूबर 2026 को शाम 06:12 बजे तुला राशि में होगा। चंद्रमा इस दिन मकर राशि में उत्तराषाढ़ा से श्रवण नक्षत्र की ओर बढ़ रहे हैं और 23 सितंबर 2026 को रात 09:57 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल इस समय कर्क राशि के पुनर्वसु नक्षत्र में हैं तथा 22 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में गोचर करेंगे। बुध कन्या राशि में चित्रा नक्षत्र में स्थित हैं और 26 सितंबर 2026 को दोपहर 01:42 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु यानी बृहस्पति कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान हैं और 31 अक्टूबर 2026 को वक्री होकर पुनः मिथुन राशि में जाएंगे। शुक्र तुला राशि में स्वाति नक्षत्र में हैं और 26 अक्टूबर 2026 को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। शनि मीन राशि में रेवती नक्षत्र में स्थित हैं और वर्ष 2026 में उनकी राशि नहीं बदलेगी, हालांकि इसी राशि में उनकी वक्री और मार्गी गति रहेगी। राहु कुंभ राशि के धनिष्ठा नक्षत्र में हैं और 5 दिसंबर 2026 को वक्री चाल से मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि केतु सिंह राशि के उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में हैं और इसी दिन वक्री चाल से कर्क राशि में पहुंचेंगे।
ग्रह गोचर और नक्षत्र स्थिति चार्ट
| क्र.सं. | ग्रह का नाम | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन (गोचर) की तिथि और समय |
|---|---|---|---|---|
| 1. | सूर्य | कन्या | उत्तरा फाल्गुनी | 17 अक्टूबर 2026, शाम 06:12 बजे (तुला राशि में) |
| 2. | चंद्रमा | मकर | उत्तराषाढ़ा / श्रवण | 23 सितंबर 2026, रात्रि 09:57 बजे (कुंभ राशि में) |
| 3. | मंगल | कर्क | पुनर्वसु | 22 अक्टूबर 2026 (सिंह राशि में) |
| 4. | बुध | कन्या | चित्रा | 26 सितंबर 2026, दोपहर 01:42 बजे (तुला राशि में) |
| 5. | गुरु (बृहस्पति) | कर्क | अश्लेषा | 31 अक्टूबर 2026, (वक्री होकर पुनः मिथुन राशि में) |
| 6. | शुक्र | तुला | स्वाति | 26 अक्टूबर 2026, (वृश्चिक राशि में) |
| 7. | शनि | मीन | रेवती | वर्ष 2026 में कोई राशि परिवर्तन नहीं (इसी राशि में वक्री/मार्गी होंगे) |
| 8. | राहु | कुंभ | धनिष्ठा | 5 दिसंबर 2026 (मकर राशि में – वक्री चाल) |
| 9. | केतु | सिंह | उत्तर फाल्गुनी | 5 दिसंबर 2026 (कर्क राशि में – वक्री चाल) |
बुधादित्य योग से बढ़ेगा बुद्धि और कार्यक्षमता का प्रभाव 22 सितंबर को सूर्य और बुध दोनों कन्या राशि में स्थित होने के कारण बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य और बुध की यह युति बुद्धि, निर्णय क्षमता, प्रशासनिक योग्यता, संवाद कौशल और कार्यक्षेत्र में सक्रियता से जुड़ी मानी जाती है। कन्या राशि में बुध की स्थिति इस योग के प्रभाव को विशेष महत्व देती है। इस अवधि में योजनाओं को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने, कामकाज में सुधार करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रवृत्ति मजबूत हो सकती है। बुध 26 सितंबर तक कन्या राशि में रहेंगे, इसलिए इस योग का प्रभाव इसी अवधि तक विशेष रूप से देखा जा रहा है। सूर्य के साथ बुध की स्थिति के कारण शिक्षा, लेखन, व्यापार, संचार, प्रबंधन और विश्लेषण से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ने के संकेत ज्योतिषीय गणना में बताए जाते हैं।
गजकेसरी योग: चंद्रमा और बृहस्पति (गुरु) के केंद्र संबंध के कारण आज आकाश में ‘गजकेसरी योग’ भी सक्रिय है जो मानसिक शांति और कार्यों में सफलता दिलाता है। ज्योतिष में भद्र महापुरुष राजयोग को अत्यंत शुभ योग माना जाता है। जब भी ये योग बनता है तो इसका किसी न किसी राशि पर शुभ प्रभाव जरूर ही पड़ता है। इस समय यानी 22 सितंबर को कन्या राशि में यह शुभ योग बना हुआ है। बता दें कुंडली में इस शुभ योग का निर्माण तब होता है जब बुध ग्रह अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या में स्थित होकर कुंडली के केंद्र भावों यानी लग्न, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में विराजमान होते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार इस समय बुध कन्या राशि के होकर कुंडली के लग्न यानी प्रथम भाव में विराजमान हैं जिससे यह शुभ योग बना हुआ है। बता दें बुध कन्या राशि में 26 सितंबर तक रहेंगे और चलिए अब जानते हैं भद्र योग किन राशियों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
भद्र महापुरुष राजयोग से चार राशियों को लाभ 22 सितंबर को कन्या राशि में बुध की स्थिति के कारण भद्र महापुरुष राजयोग भी बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार बुध जब अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या में स्थित होकर कुंडली के केंद्र भावों यानी लग्न, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में रहते हैं, तब भद्र महापुरुष राजयोग का निर्माण माना जाता है। वर्तमान गणना में बुध कन्या राशि में होकर लग्न यानी प्रथम भाव में स्थित हैं। यही कारण है कि इस योग को विशेष प्रभाव वाला माना जा रहा है। कन्या राशि वालों के लिए आत्मविश्वास बढ़ने और कार्यों में सफलता के अवसर बनने की बात कही गई है तथा बुद्धिमत्ता के आधार पर कार्यक्षेत्र में आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। व्यापार करने वालों को भी प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। मिथुन राशि के जातकों के लिए नौकरी और व्यापार में अप्रत्याशित प्रगति, संपत्ति से जुड़े मामलों में विस्तार, पारिवारिक सुख-शांति और अचानक धन लाभ के योग बताए गए हैं।
धनु और मीन राशि के लिए करियर और आर्थिक लाभ के संकेत भद्र योग का प्रभाव धनु राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी में बदलाव, नई नौकरी या पदोन्नति की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिलने के संकेत हैं। कारोबारियों के लिए नए सौदे लाभदायक हो सकते हैं और निवेश से भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बताई गई है। वहीं मीन राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक स्थिति से जुड़े अच्छे संकेत हैं। व्यापारिक साझेदारी में लाभ मिलने के योग बताए गए हैं और अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहने की संभावना है। जीवनसाथी के नाम से किए गए निवेश से लाभ मिलने के संकेत भी दिए गए हैं। कुल मिलाकर इस राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और लंबे समय से अटके कार्यों में गति आने की स्थिति बन सकती है।
गजकेसरी योग से मानसिक शांति और सफलता के संकेत 22 सितंबर को चंद्रमा और गुरु के केंद्र संबंध के कारण गजकेसरी योग के सक्रिय होने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यता में गुरु और चंद्रमा का यह संबंध ज्ञान, मानसिक स्थिरता, समझदारी और कार्यों में सफलता से जोड़ा जाता है। वर्तमान ग्रह स्थिति में गुरु कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र में हैं, जबकि चंद्रमा मकर राशि में उत्तराषाढ़ा से श्रवण नक्षत्र की ओर बढ़ रहे हैं। इस ग्रह संयोजन को मानसिक शांति, निर्णय क्षमता और महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति के लिए अनुकूल माना जा रहा है। बुधादित्य योग, भद्र महापुरुष राजयोग और गजकेसरी योग की एक साथ चर्चा होने से 22 सितंबर का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। खासतौर पर बुध से जुड़े विषयों—बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, गणना, संवाद और रणनीति—में सक्रियता बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
आगे होने वाले प्रमुख राशि परिवर्तन आने वाले दिनों में ग्रहों की चाल में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं। सबसे पहले 23 सितंबर की रात 09:57 बजे चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 26 सितंबर को दोपहर 01:42 बजे बुध कन्या से तुला राशि में चले जाएंगे, जिससे बुधादित्य और भद्र योग की वर्तमान स्थिति में परिवर्तन आएगा। 17 अक्टूबर को शाम 06:12 बजे सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि 22 अक्टूबर को मंगल कर्क से सिंह राशि में पहुंचेंगे। 26 अक्टूबर को शुक्र तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 31 अक्टूबर को गुरु वक्री होकर पुनः मिथुन राशि में जाएंगे। वर्ष के अंत में 5 दिसंबर को राहु कुंभ से मकर और केतु सिंह से कर्क राशि में वक्री चाल से प्रवेश करेंगे। इस प्रकार 22 सितंबर की ग्रह स्थिति में सूर्य-बुध की युति, बुध का भद्र महापुरुष राजयोग और चंद्रमा-गुरु का गजकेसरी योग प्रमुख ज्योतिषीय घटनाएं हैं, जबकि कन्या, मिथुन, धनु और मीन राशि के लिए इस समय विशेष रूप से धन, करियर, व्यापार, पारिवारिक सुख और अटके कार्यों से जुड़े सकारात्मक संकेत बताए गए हैं।












































