2 अक्टूबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और शुक्रवार का दिन है। आज षष्ठी तिथि सुबह 10:15 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। पितृपक्ष के दौरान आज सप्तमी तिथि में दिवंगत हुए पूर्वजों का श्राद्ध किया जाएगा। शुक्रवार को व्यतीपात योग शाम 06:17 बजे तक रहेगा, जबकि मृगशिरा नक्षत्र देर रात 02:54 बजे तक रहेगा। इस दिन श्राद्ध कर्म के साथ पितरों की पूजा और तर्पण का विशेष महत्व माना गया है। जानिए शुक्रवार का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
प्रमुख पंचांग विवरण
वार: शुक्रवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
शक संवत: 1948 (पराभव)
मास: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष
तिथि: षष्ठी तिथि सुबह 10:15 बजे तक, इसके बाद सप्तमी तिथि
नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र 3 अक्टूबर को रात 02:54 बजे तक, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र
योग: व्यतीपात योग शाम 06:17 बजे तक, इसके बाद वरीयान योग
सूर्य राशि: कन्या राशि
चंद्र राशि: वृषभ राशि में दोपहर 03:40 बजे तक, इसके बाद मिथुन राशि
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:53 ए एम से 05:41 ए एम
प्रातः सन्ध्या: 05:17 ए एम से 06:29 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 12:04 पी एम से 12:52 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:27 पी एम से 03:15 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:26 पी एम से 06:50 पी एम
सायाह्न सन्ध्या: 06:26 पी एम से 07:38 पी एम
अमृत काल: 06:40 पी एम से 08:10 पी एम
कुतुप मुहूर्त: 12:04 पी एम से 12:52 पी एम
रौहिण मुहूर्त: 12:52 पी एम से 01:39 पी एम
अपराह्न काल: 01:39 पी एम से 04:03 पी एम
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दिल्ली मानक समय के अनुसार सुबह 10:41 ए एम से दोपहर 12:10 पी एम तक
कुलिक काल: सुबह 07:43 ए एम से 09:12 ए एम तक
यमगण्ड काल: दोपहर 03:08 पी एम से शाम 04:37 पी एम तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:37 ए एम से 09:24 ए एम तक एवं दोपहर 12:34 पी एम से 01:21 पी एम तक
वर्ज्यम्: सुबह 09:41 ए एम से 11:11 ए एम तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय: सुबह 06:14 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:06 बजे
चन्द्रोदय: शाम 06:10 बजे
चन्द्रास्त: 3 अक्टूबर को सुबह 11:58 बजे
दिन की चौघड़िया
चर: सुबह 06:14 से 07:43 बजे तक
लाभ: सुबह 07:43 से 09:12 बजे तक
अमृत: सुबह 09:12 से 10:41 बजे तक
काल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:10 बजे तक
शुभ: दोपहर 12:10 से 01:39 बजे तक
रोग: दोपहर 01:39 से 03:08 बजे तक
उद्वेग: दोपहर 03:08 से शाम 04:37 बजे तक
चर: शाम 04:37 से 06:06 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
रोग: शाम 06:06 से रात 07:37 बजे तक
काल: रात 07:37 से 09:08 बजे तक
लाभ: रात 09:08 से 10:39 बजे तक
उद्वेग: रात 10:39 से मध्यरात्रि 12:10 बजे तक
शुभ: 3 अक्टूबर को मध्यरात्रि 12:10 से 01:41 बजे तक
अमृत: 3 अक्टूबर को रात 01:41 से 03:12 बजे तक
चर: 3 अक्टूबर को रात 03:12 से सुबह 04:43 बजे तक
रोग: 3 अक्टूबर को सुबह 04:43 से 06:15 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय (02.10.2026) |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 10:27 ए एम से 11:56 ए एम |
| 2 | दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी) | नई दिल्ली | सुबह 10:41 ए एम से 12:10 पी एम |
| 3 | जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित) | श्रीनगर / जम्मू | सुबह 10:47 ए एम से 12:16 पी एम |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 10:29 ए एम से 11:59 ए एम |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 09:37 ए एम से 11:06 ए एम |
| 6 | असम | दिसपुर / गुवाहाटी | सुबह 09:47 ए एम से 11:16 ए एम |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 10:13 ए एम से 11:42 ए एम |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 10:28 ए एम से 11:57 ए एम |
| 9 | गोवा | पणजी | सुबह 10:53 ए एम से 12:23 पी एम |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | सुबह 11:01 ए एम से 12:30 पी एम |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 10:43 ए एम से 12:12 पी एम |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 10:42 ए एम से 12:11 पी एम |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 10:12 ए एम से 11:41 ए एम |
| 14 | कर्नाटक | बंगलुरु | सुबह 10:43 ए एम से 12:13 पी एम |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 10:46 ए एम से 12:17 पी एम |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 10:43 ए एम से 12:12 पी एम |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 10:59 ए एम से 12:29 पी एम |
| 18 | मणिपुर | इम्फाल | सुबह 09:34 ए एम से 11:03 ए एम |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 09:46 ए एम से 11:15 ए एम |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 09:36 ए एम से 11:05 ए एम |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 09:33 ए एम से 11:02 ए एम |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 10:11 ए एम से 11:40 ए एम |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 10:43 ए एम से 12:12 पी एम |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 10:51 ए एम से 12:20 पी एम |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 09:55 ए एम से 11:24 ए एम |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 10:33 ए एम से 12:03 पी एम |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 10:35 ए एम से 12:04 पी एम |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 09:42 ए एम से 11:11 ए एम |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 10:39 ए एम से 12:08 पी एम |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 09:58 ए एम से 11:27 ए एम |
सप्तमी तिथि श्राद्ध: पितृपक्ष में शुक्रवार के दिन सप्तमी तिथि में उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाएगा, जिनका निधन किसी भी माह के शुक्ल या कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ हो। मान्यता है कि सप्तमी तिथि पर विधि-विधान से श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को बड़े यज्ञों के समान पुण्यफल प्राप्त होता है और उसके भीतर श्रेष्ठ विचारों का विकास होता है। पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्म करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं तथा परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।












































