कस्टम विभाग ने अपनी कड़ी निगरानी से मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी खेप को सफलतापूर्वक पकड़ा है। विभाग ने राजधानी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस बड़ी कार्रवाई को पूरी सतर्कता के साथ अंजाम दिया है। यहां सुरक्षा जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस अहम कार्रवाई में करोड़ों रुपये मूल्य का अवैध मादक पदार्थ एक हवाई यात्री से जब्त किया गया है। यह जब्ती हवाई अड्डे पर तैनात अधिकारियों की मुस्तैदी और उनकी कार्यकुशलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
ग्रीन चैनल पर हुई चेकिंग: यह संदिग्ध यात्री अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के जरिए मस्कट से होते हुए भारत की धरती पर पहुंचा था। इससे पहले उसने अपनी इस लंबी और अवैध यात्रा की शुरुआत बैंकॉक शहर से की थी। जब यह यात्री अपने ट्रॉली बैग के साथ ग्रीन चैनल से गुजर रहा था तब अधिकारियों को शक हुआ। अधिकारियों ने शक के आधार पर उसे तुरंत रोका और उसके ट्रॉली बैग की पूरी तलाशी ली। इसी ट्रॉली बैग के अंदर से कुल तेरह पैकेट अवैध मादक पदार्थ के बरामद किए गए।
हाइड्रोपोनिक तकनीक का उपयोग: जांच के दौरान यह पता चला है कि बरामद किया गया यह मादक पदार्थ एक हाइड्रोपोनिक गांजा है। इस खास तरह के गांजे को हमेशा एक पूरी तरह से नियंत्रित वातावरण के अंदर ही उगाया जाता है। इसे उगाने के लिए सामान्य खेती की बजाय एक बहुत ही खास और वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग होता है। इसी विशेष तकनीक के कारण यह मादक पदार्थ अपेक्षाकृत अधिक महंगा और बहुत ही हाई क्वालिटी का होता है। हाल के वर्षों में इसकी इसी उच्च गुणवत्ता के कारण स्मगलिंग के मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिली है।
दस करोड़ से अधिक की जब्ती: यात्री के बैग से बरामद हुए इस पूरे मादक पदार्थ का कुल वजन दस किलो से ज्यादा पाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तौलने पर यह ठीक दस दशमलव तीन नौ सात किलोग्राम का मारिजुआना साबित हुआ है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग दस करोड़ उनतालीस लाख रुपये के आसपास आंकी गई है। इस भारी जब्ती के तुरंत बाद कस्टम विभाग ने तस्कर को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है। अब गिरफ्तार किए गए इस आरोपी यात्री से विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार कड़ी पूछताछ जारी है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर निगरानी: कस्टम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की निगरानी लगातार बढ़ाई गई है। हवाई अड्डे पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष प्रोफाइलिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के सामान की सघन और बारीक स्कैनिंग की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। विभाग इस तरह के तस्करी के मामलों को पकड़ने के लिए खुफिया इनपुट का भी पूरा सहारा लेता है। इन्ही कड़े सुरक्षा उपायों के कारण इस भारी मात्रा में लाये जा रहे गांजे को पकड़ा जा सका है।
माफिया नेटवर्क की गहन जांच: कस्टम विभाग यह जानने का प्रयास कर रहा है कि इस तस्करी में कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल है या नहीं। जांच एजेंसियां इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि इस तस्कर के साथ अन्य कौन लोग सक्रिय हैं। विभाग यह भी पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहा है कि यह खेप आखिर किस व्यक्ति के पास पहुंचाई जानी थी। यह स्पष्ट माना जा रहा है कि यह घटना किसी बड़े इंटरनेशनल ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क से जुड़ी हुई है। जांच अधिकारी भारत और विदेश में फैले इस गिरोह के संभावित नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।





































