श्रावण (सावन) मास का अंतिम प्रदोष व्रत दिनांक 25 अगस्त 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। हिन्दू सनातन परंपरा में प्रत्येक माह के दोनों पक्षों (कृष्ण पक्ष एवं शुक्ल पक्ष) की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने का विधान है। जब त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। चूंकि मंगल देव का एक नाम ‘भौम’ भी है, इसलिए इस दिन भगवान शिव (महादेव) के साथ-साथ हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
भौम प्रदोष व्रत का महात्म्य एवं दान का महत्व
भौम प्रदोष व्रत मुख्य रूप से कर्ज (ऋण) से मुक्ति और मंगल ग्रह से जुड़े दोषों के निवारण के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
- कर्ज से मुक्ति: मान्यता है कि भौम प्रदोष का व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को पुराने से पुराने कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है।
- महादान का पुण्य: इस पावन दिन पर मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुओं—जैसे गुड़, मसूर की दाल, लाल वस्त्र, तांबा आदि का दान करने से 100 गोदान (सौ गायों के दान) के समान अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
विभिन्न समस्याओं के निवारण हेतु भौम प्रदोष के 11 अचूक उपाय
भौम प्रदोष के शुभ अवसर पर आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार अपनी विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति, व्यापार में उन्नति, नौकरी में सफलता तथा पारिवारिक सुख-शांति के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
1. दांपत्य जीवन की मिठास और आपसी समझ बढ़ाने हेतु
यदि आपके वैवाहिक जीवन में नीरसता या उदासी आ गई है और जीवनसाथी से अपनी बातें साझा करने में हिचकिचाहट होती है, तो भौम प्रदोष के दिन एक सूखा नारियल और एक कटोरी में पीला सिंदूर लें। सिंदूर में थोड़ा-सा चमेली का तेल मिलाकर उसे गीला कर लें और उससे नारियल पर ‘स्वास्तिक’ का शुभ चिन्ह बनाएं। इसके पश्चात इस नारियल को श्री हनुमान जी के चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित कर दें।
2. सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) में वृद्धि हेतु
अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए भौम प्रदोष के दिन प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। सबसे पहले श्री हनुमान जी के समक्ष शीश झुकाकर प्रणाम करें और फिर कम से कम 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
3. व्यापार में लगातार हो रहे नुकसान को रोकने एवं स्थिरता हेतु
यदि आपको कारोबार में निरंतर घाटे का सामना करना पड़ रहा है, तो व्यापार में स्थिरता और लाभ बनाए रखने के लिए भौम प्रदोष के दिन तीन मुखी रुद्राक्ष की विधि-विधान से पूजा करें। पूजन के उपरांत इस रुद्राक्ष को अपने गले में धारण करें।
4. कर्ज के भारी बोझ से तुरंत बाहर निकलने हेतु
यदि आप भारी कर्ज में फंसे हैं और उससे शीघ्र अति शीघ्र छुटकारा पाना चाहते हैं, तो भौम प्रदोष के दिन साफ आसन पर बैठकर, हाथ जोड़कर ऋणमोचक मंगल स्त्रोत का 11 बार भक्तिभाव से पाठ करें।
5. भविष्य में कभी आर्थिक संकट व कर्ज की नौबत न आने हेतु
भविष्य में कभी ऐसी स्थिति न बने कि आपको कर्ज लेना पड़े, इससे बचने के लिए भौम प्रदोष के दिन सायंकाल (शाम के समय) किसी हनुमान मंदिर में जाकर या घर पर ही हनुमान जी की प्रतिमा के सामने शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं। उन्हें बूंदी का प्रसाद अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
6. रुका हुआ या फंसा हुआ धन वापस प्राप्त करने हेतु
यदि आपका पैसा किसी व्यक्ति के पास फंस गया है और वह वापस नहीं लौटा रहा है, तो भौम प्रदोष के दिन हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इसके साथ ही मंगल देव के इस प्रभावशाली मंत्र का 11 बार जाप करें:
मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:
7. मनचाही नौकरी व रोजगार में आ रही बाधाएं दूर करने हेतु
यदि आप अपनी नौकरी को लेकर चिंतित हैं या आपको कोई अच्छी जॉब नहीं मिल पा रही है, तो भौम प्रदोष के दिन हनुमान मंदिर जाकर शहद की शीशी भेंट करें। भगवान के समक्ष हाथ जोड़कर आजीविका व नौकरी में आ रही रुकावटों को दूर करने की प्रार्थना करें।
8. समस्त कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने हेतु
यदि आप अपने हर कार्य व योजना में सफलता पाना चाहते हैं, तो भौम प्रदोष के दिन गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मीठी रोटी बनाकर बांटें। इस दान से कार्यक्षेत्र की सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
9. जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने हेतु
जीवन की विषम परिस्थितियों के बीच संतुलन और तालमेल बनाए रखने के लिए भौम प्रदोष के दिन गेहूं के आटे में थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर उसके पुए बनाएं और गाय को खिलाएं। इसके साथ ही मंगल के इस बीज मंत्र का 51 बार जाप करें:
मंत्र: ऊँ मंगलाय नमः
10. जीवन में शुभता और ‘मंगल ही मंगल’ सुनिश्चित करने हेतु
यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में सदैव शुभ व मंगलकारी घटनाएं ही घटित हों, तो भौम प्रदोष के दिन किसी नाई (Hairdresser) या दर्जी (Tailor) को एक चॉकलेट उपहार स्वरूप (गिफ्ट) दें। ऐसा करने से मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव में वृद्धि होती है।
11. योग्य व सुंदर संतान प्राप्ति की मनोकामना हेतु
संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को भौम प्रदोष के दिन हनुमान मंदिर में जाकर लाल मसूर की दाल का दान करना चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय को करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना शीघ्र पूरी होती है।















































