उत्तर प्रदेश के Hamirpur जिले में Betwa नदी पर हुए इस पुल हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। इस भयानक और दर्दनाक दुर्घटना की चपेट में आने के कारण मौके पर काम कर रहे कुल छह बेगुनाह श्रमिकों ने अपनी जान गंवा दी। ये सभी श्रमिक अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए इस निर्माणाधीन पुल पर पूरी मेहनत और लगन के साथ अपना काम कर रहे थे। अचानक हुए इस खौफनाक हादसे में इन मजदूरों की दुखद मौत के बाद इनके परिवारों के ऊपर दुखों का एक बहुत भारी पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन ने इन सभी छह मृत श्रमिकों के शवों को कब्जे में लेकर उनके परिजनों को सौंपने की पूरी प्रक्रिया बहुत ही तेजी से पूरी की है।
सरकार द्वारा अनुग्रह सहायता: इस भारी दुख की घड़ी में UP सरकार ने पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के सीधे निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने जान गंवाने वाले सभी छह श्रमिकों के परिजनों को अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की है। सरकार की ओर से प्रत्येक पीड़ित और शोक संतप्त परिवार को चार-चार लाख रुपये की यह महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता तत्काल प्रभाव से दी जाएगी। इस सरकारी मदद का मुख्य उद्देश्य इन गरीब परिवारों को अचानक आई इस बड़ी मुसीबत और आर्थिक संकट के समय थोड़ी राहत और संबल प्रदान करना है। प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से इन परिवारों से संपर्क करके उन्हें यह सरकारी सहायता राशि जल्द से जल्द सौंपने का पूरा काम कर रहे हैं।
निर्माण कंपनी का मुआवजा: राज्य सरकार की आर्थिक मदद के अलावा पुल का निर्माण कर रही कंपनी ने भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मुआवजे का ऐलान किया है। इस दुर्घटना के बाद निर्माण कंपनी ने अपनी तरफ से प्रत्येक मृत श्रमिक के पीड़ित परिवार को दस-दस लाख रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है। कंपनी द्वारा दी गई यह सहायता राशि सीधे तौर पर उन परिवारों के बैंक खातों में जमा कराने की पूरी आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस आर्थिक मदद से अचानक अपने घर का मुख्य कमाने वाला सदस्य खोने वाले इन गरीब और बेबस परिवारों को काफी बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि निर्माण कंपनी अपनी घोषित सहायता राशि को जल्द से जल्द और बिना किसी बाधा के पीड़ितों तक पहुंचाए।
श्रम विभाग की अतिरिक्त मदद: राज्य सरकार और निर्माण कंपनी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का श्रम विभाग भी इन पीड़ित परिवारों की मदद के लिए पूरी तरह आगे आया है। श्रम विभाग ने अपने नियमों के तहत इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के लिए एक अतिरिक्त सहायता राशि की घोषणा की है। विभाग की ओर से प्रत्येक प्रभावित और दुखी परिवार को एक लाख पच्चीस हजार रुपये की यह अतिरिक्त और महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता तुरंत दी जा रही है। श्रम विभाग के अधिकारी खुद इस पूरी मुआवजा वितरण प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी परिवार को इसका लाभ लेने में परेशानी न हो। इन सभी अलग-अलग आर्थिक सहायता राशियों को मिलाकर प्रत्येक पीड़ित परिवार को इस कठिन समय में एक बहुत ही मजबूत आर्थिक संबल प्राप्त होगा।
कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ाव: केवल नकद आर्थिक मुआवजे तक ही सीमित न रहकर सरकार इन प्रभावित परिवारों के दीर्घकालिक कल्याण के लिए भी तेजी से काम कर रही है। प्रशासन द्वारा इन सभी पीड़ित और बेसहारा परिवारों को राज्य की विभिन्न सरकारी और लाभकारी कल्याणकारी योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जा रहा है। इन परिवारों को भविष्य में सुरक्षित जीवन देने के लिए मासिक पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा प्रशासन ने इन सभी परिवारों के लिए मुफ्त राशन कार्ड बनवाने और उन्हें सुरक्षित पक्का आवास उपलब्ध कराने की भी पूरी व्यवस्था की है। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि भविष्य में इन पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की बुनियादी और आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बेटियों को मिलेगी विशेष सहायता: इस भीषण हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मृतक श्रमिक Rajesh Pal के परिवार के लिए सरकार ने एक बहुत ही विशेष घोषणा की है। Rajesh Pal की असामयिक मृत्यु के बाद उनकी दो मासूम बेटियों की शिक्षा और उनके पालन-पोषण का पूरा जिम्मा अब सीधे राज्य सरकार उठाएगी। इन दोनों अनाथ बालिकाओं को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जोड़कर उनके भविष्य को पूरी तरह से सुरक्षित करने का एक बड़ा निर्णय लिया गया है। इस योजना के अंतर्गत इन दोनों बालिकाओं को उनके अठारह वर्ष की आयु पूरी होने तक हर महीने पच्चीस सौ रुपये की नियमित आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का यह संवेदनशील कदम इस बात का प्रमाण है कि वह इस दुखद घड़ी में इन बेसहारा बच्चों के साथ एक मजबूत अभिभावक बनकर खड़ी है।





































