हिंदू धर्म में कई सारे पर्व त्योहार और व्रत पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है लेकिन चतुर्थी तिथि बेहद खास मानी जाती है यह तिथि श्री गणेश की पूजा आराधना को समर्पित होती है इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली दोनों ही चतुर्थी गौरी पुत्र गणेश की पूजा के लिए उत्तम मानी जाती है

वही मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है जो कि इस बार 26 दिसंबर को पड़ रही है ये साल की आखिरी विनायक चतुर्थी होगी। इस दिन श्री गणेश की पूजा आराधना करना शुभ माना जाता है भक्त इस दिन विधिवत श्री गणेश की पूजा करते हैं और उपवास भी रखते हैं तो आज हम आपको विनायक चतुर्थी पूजा का मुहूर्त और विधि बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

विनायक चतुर्थी पूजा का मुहूर्त-
धार्मिक पंचांग के अनुसार 26 दिसंबर को विनायक चतुर्थी व्रत का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 20 मिनट से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक है ऐसे में इस समय पूजा करना लाभकारी रहेगा।

पूजन की संपूर्ण विधि-
आपको बता दें कि विनायक चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें इसके बाद पूजा स्थल की साफ सफाई करके गंगाजल का छिड़काव करें श्री गणेश को वस्त्र पहनाएं और मंदिर में दीपक जलाएं इसके बाद सिंदूर से श्री गणेश का तिलक करें और पुष्प अर्पित करें भगवान गणेश को 21 दूर्वा की गांठ अर्पित करें गौरी पुत्र गणेश को घी के मोतीचूर के लड्डू या मोदक का भी भोग लगाया जा सकता है वही पूजा पूर्ण होने के बाद भगवान की आरती जरूर करें वही पूजन में भूल चूक के लिए क्षमा भी मांगे तान्यता है कि इस विधि से पूजा पाठ करने से गौरी पुत्र जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।




































