हिंदू धर्म में किसी भी कार्य की शुरुआत के पहले शुभ मुहूर्त को देखा जाता है मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किया जाने वाला काम बिना किसी विघ्न बाधा के पूरा हो जाता है और इसका पूर्ण फल भी व्यक्ति को प्राप्त होता है लेकिन साल के कुछ समय ऐसे होते हैं जिनमें भूलकर भी शुभ व मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए

वरना व्यक्ति के जीवन में अनर्थ हो सकता है धार्मिक पंचांग के अनुसार साल 2022 का आखिरी पंचक कल यानी 27 दिसंबर को सुबह 3 बजकर 41 मिनट से चंद्रमा के धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण से आरंभ हो चुका है आपको बता दें कि यह पंचक पूरे पांच दिनों का होता है ऐसे में इस दौरान कुछ कार्यों को गलती से भी नहीं करना चाहिए वरना जीवन में समस्याओं का अंबार लग जाता है तो आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

आपको बता दें कि 27 दिसंबर से लगने वाला पंचक अग्नि पंचक है जो साल 2022 के आखिरी दिन यानी की 31 दिसंबर दिन शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजकर 47 बजे तक समाप्त होगा मान्यता है कि पंचक अशुभ होते हैं इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है यह भी कहा जाता है कि पंचक के दिनों में कि जाने वाले सभी कार्य असफल और बुरे परिणाम प्रदान करते हैं जिससे व्यक्ति को हानि का सामना भी करना पड़ता है।

धार्मिक तौर पर माना जाता है कि पंचक में वर्जित पांच कार्यों के साथ साथ अग्नि पंचक में मंगल से जुड़ी चीजों का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए इस दौरान क्रोध से दूर रहें और वाणी को मधुर बनाएं ऐसा करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते है। कहा जाता है कि पंचक जिस दिन से शुरू होता है उस दिन के अनुसार ही इसका नाम तय किया जाता है रविवार के दिन से आरंभ होने वाले पंचक को रोग पंचक, सोमवार से शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक, लेकिन जब मंगलवार के दिन से पंचक का आरंभ होता है तो इसे अग्नि पंचक का नाम दिया जाता है।





























