धनु-तुला व मिथुन राशि वालों को शनि दशा से मिलेगी मुक्ति, कुंभ को मिलेगा विशेष लाभ
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राहु 30 अक्टूबर 2023 को करेंगे गोचर
ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह के रूप जाना जाता है. यह प्रत्यक्ष नहीं होने पर भी जगत के जीवन को प्रभावित करता है.
ज्योतिष में इनका महतवपूर्ण स्थान है. इनका मित्र ग्रह सूर्य, चन्द्र और मंगल है. अगर कुंडली में बुध बलवान हो तो राहु अशुभ फल नहीं देता है. 30 अक्टूबर 2023 दिन सोमवार को दोपहर 01 बजकर 33 मिनट परप कुम्भ राशि से निकल कर मीन राशि में गोचर करेंगे. इसका प्रभाव 30 अक्टूबर 2023 के बाद कई राशि के जातक पर देखने को मिलेगा.
कुंभ राशि वालों के लिए अब शुरू होगा शुभ दिन
शनि देव 17 जनवरी को गोचर करके कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. शनि कुंभ राशि के स्वामी हैं, इसलिए कुंभ राशि के जातकों को लाभ देंगे. कुंभ राशि के जातक को नई नौकरी मिल सकती है. इसके साथ ही कोई बड़ी उपलिब्ध हासिल हो सकती है. वहीं शनि देव की कृपा से व्यापार में भी लाभ होगा.
इन राशियों को मिलेगी साढ़ेसाती व ढैय्या से मुक्ति
शनि के गोचर के साथ ही धनु राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी. वहीं तुला व मिथुन राशि वालों को शनि ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाएगा. शनि की दशा से मुक्ति मिलने के बाद इन राशि के जातकों का अच्छा दिन शुरू हो जाएगा.
शनि 29 मार्च 2025 तक कुंभ राशि में रहेंगे विराजमान
17 जनवरी 2023 दिन मंगलवार की रात 08 बजकर 02 मिनट पर शनिदेव मकर राशि से निकलकर कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे. शनि 29 मार्च 2025 तक कुंभ राशि में रहेंगे.
कुंभ राशि में गोचर करेंगे शनिदेव
शनिदेव को एक ही राशि में दोबारा पहुंचने में 30 साल का समय लग जाता है. शनिदेव 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि में गोचर करेंगे. जिसके बाद शनि की साढ़े साती और ढैय्या से कई राशि वालों को राहत मिलेगी. शनि 29 मार्च 2025 तक कुंभ राशि में रहेंगे.
शनि ग्रह मकर और कुंभ राशि के स्वामी है
शनि ग्रह मकर और कुंभ राशि के स्वामी है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस समय शनि मकर राशि में गोचर कर रहे हैं. कुंडली में शनि जिस घर में बैठते है उस घर को ठीक रखते है तथा जिस घर को देखते है उनको तकलीफ देते है. इसलिए शनि के महादशा तथा अंतर्दशा में अपने कर्म को ठीक रखना जरूरी होता है.





























