हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बेहद ही खास माना जाता है यह हर मास में पड़ती है इसका धार्मिक रूप से अधिक महत्व होता है मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से पुण्यफलों की प्राप्ति होती है और सुख समृद्धि में भी वृद्धि होती है

नए साल की पहली पूर्णिमा 6 जनवरी को पड़ रही है जो कि बेहद ही शुभ मानी जाती है इस दिन कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा पौष पूर्णिमा की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि बता रहे है तो आइए जाानते हैं।

पौष पूर्णिमा का मुहूर्त-
पूर्णिमा तिथि का आरंभ- 6 जनवरी 2023, शुक्रवार की रात्रि 2 बजकर 16 मिनट से
पूर्णिमा तिथि का समापन- 7 जनवरी 2023 शनिवार सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर

पौष पूर्णिमा की पूजा विधि-
पौष पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करें इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें व्रत पूजन का संकल्प करें लक्ष्मी नारायण की हल्दी, रोली, मौली, पुष्प, फल, मिठाई, पंचामृत नैवेद्य से पूजा आराधना करें फिर सत्य नारायण की कथा का पाठ करें भगवान विष्णु का भजन करें शाम के वक्त चंद्रमा को दूध में चीनी, चावल मिलाकर अर्पित करें इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को गुड़, तिल, कंबल आदि का दान करना चाहिए आधी रात को माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें माता को धूप, दीपक और माला अर्पित करें इस विधि से अगर पूजा पाठ किया जाए तो देवी की कृपा मिलती है और कष्टों का भी अंत हो जाता है।






























