उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है. जानकारी के मुताबिक साल 2024 में मकर संक्रांति के अवसर पर राम मंदिर भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा.
वहीं, यह भी पता चला है कि गर्भगृह में स्थापित मर्यादा पुरुषोत्तम और माता जानकी की मूर्ति शालिग्राम पत्थर से बनाई जाएगी. इसके लिए नेपाल की गंडक नदी से दो शालिग्राम शिलाएं भी अयोध्या पहुंच चुकी हैं. शालिग्राम पत्थर भगवान विष्णु के स्वरूप माने जाते हैं और हिन्दू घरों में इनकी पूजा की जाती है. जानते हैं सरयू नदी के तट पर स्थित अयोध्या के राम मंदिरकी विशेषताएं.107 एकड़ में फैला है राम मंदिरअयोध्या का राम मंदिर 107 एकड़ में फैला है. 107 एकड़ में बन रहा यह विशालकाय मंदिर सभी रिसर्च के बाद निर्मित हो रहा है. ऐसा पता चला है कि राम मंदिर के गर्भगृह में सूर्य की पहली किरण भगवान श्रीराम की मूर्ति पर पड़ेगी. यह मंदिर पूरी दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जो पांच मंडप का होगा. इस मंदिर में सभी आधुनिक व्यवस्थाएं होंगी. इस मंदिर में आधुनिक यंत्रों का भी प्रयोग किया गया है. वहीं, ऑटोमैटिक एक्सरे मशीन, स्क्रीन मशीन के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के सामानों को रखने के लिए बनने वाले यात्री सुविधा केंद्र में पासवर्ड से चलने वाले लॉकर भी लगाए जाएंगे.नींव में सरिया का प्रयोग नहींश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस मंदिर की 40 फुट जमीन में मंदिर की नींव बनाई गई है, जिसकी खासियत यह है कि इसमें सरिया का प्रयोग नहीं किया गया है. मंदिर निर्माण के लिए ग्रेनाइट पत्थर का प्रयोग किया है. जिसकी ऊंचाई करीब 21 फुट है. वहीं, 3 एकड़ में बन रहे मंदिर का निर्माण पत्थरों को जोड़कर किया जा रहा है. इसकी खास बात यह है कि इसमें किसी तरह के कैमिकल और लोहे का इस्तेमाल नहीं हुआ है. यह मंदिर तकरीबन एक हजार साल तक सुरक्षित रहेगा.
अयोध्या राम मंदिर की 10 बड़ी विशेषताएं
- 09 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया था.
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन का पूरा काम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट संभालता है. चंपत राय इसके सचिव हैं. इस ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्यगोपाल दास हैं और उसमें 15 सदस्य हैं.
- 05 अगस्त 2023 को पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की नींव रखी थी. विशाल राम मंदिर परिसर 107 एकड़ में फैला होगा. 45 एकड़ में रामकथा कुंज का निर्माण होगा.
- रामलला का मुख्य मंदिर 2.7 एकड़ में होगा. अयोध्या के राम मंदिर की लंबाई 268 फीट, चौड़ाई 140 फीट और ऊंचाई 161 फीट है. इसमें कुल पांच मंडप होंगे, जिसमें अग्रभाग, सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह होगा.
- तीन तल वाले राम मंदिर में कुल 366 खंभे होंगे. भूतल पर 160, प्रथम तल पर 132 और दूसरे तल पर 74 खंभे होंगे. प्रत्येक खंभे पर 16 मूर्तियां बनाई गई हैं.
- राम मंदिर के भूतल पर गर्भ गृह होगा, जहां रामलला विराजमान होंगे. गर्भ गृह की मूर्ति का निर्माण शालिग्राम पत्थर से होगा. गर्भ गृह ऐसा बनाया जा रहा है, जिसमें प्रभु राम पर सूर्य की पहली किरण पड़ेंगी.
- मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार होगा. राम दरबार में भगवान राम, माता सीता, अपने तीनों भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और परम भक्त हनुमान जी के साथ होंगे. मंदर को इस तरह से बनाया जा रहा है, भक्तों के चरण गर्भ गृह पर न पड़ें.
- गर्भ गृह के चारों तरफ परिक्रमा पथ होगा, जो 10 फीट चौड़ा होगा. इस मंदिर में रोज 1 लाख भक्त प्रभु राम के दर्शन कर सकेंगे.
- रामकथा कुंज में हमेशा राम कथा का प्रवचन होगा. मंदिर परिसर में भगवान राम के पूरे जीवन को दर्शाती 125 मूर्तियां भी होंगी. मंदिर परिसर में गौशाला, धर्मशाला, वैदिक पाठशाला भी होगी.
- राम मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार द्वार होंगे. पहला द्वार राजा दशरथ के महल की ओर, दूसरा द्वार क्षीरेश्वर नाथ मंदिर की ओर, तीसरा द्वार गोकुल भवन और चौथ द्वार टेढ़ी बाजार की ओर होगा





































