राजस्थान में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूबे में आज चुनावी बिगुल फूंक दिया है। राजस्थान की जमीन सियासी रण के लिए अब तैयार है। पीएम मोदी आज राजस्थान में थे।
पीएम दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले फेज का उद्घाटन करने गए थे। अपने भाषण में एक तरफ जहां पीएम मोदी ने सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधा तो दूसरी तरफ राजस्थान के आगामी चुनाव के लिए भाजपा की दावेदारी भी ठोंकी। आइए समझते हैं कि यह एक्सप्रेसवे भाजपा के लिए कैसे एक टॉनिक का काम करेगा…
विकास का मॉडल
पीएम मोदी दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के फेज-1 का उद्घाटन करने गए थे। इस रास्ते से दिल्ली से जयपुर की दूरी सिर्फ साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। गुजरात मॉडल देश के सामने रखकर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। देश की जनता ने गुजरात मॉडल से प्रभावित होकर उन्हें अपना पीएम चुना। राजस्थान की जनता को साधने के लिए पीएम ने इसी विकास के मॉडल का सहारा लिया है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, पिछले 9 सालों से केंद्र सरकार सड़क, घर, रेल, बिजली, आदि पर पैसे खर्च कर रही है। पीएम ने कहा कि बजट में भी सरकार इंफ्रास्ट्रकचर पर विशेष जोर दे रही है। इस कार्यक्रम में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी मौजूद थे। उन्होंने पीएम मोदी का विकास कार्यों के लिए आभार भी जताया। पीएम मोदी ने अपने भाषण के माध्यम से राजस्थान की जनता को यह संदेश देने की पूरी कोशिश की है कि राज्य में विकास केवल भाजपा की करा सकती है।
ओबीसी वोटरों को साधने का प्रयास
राजस्थान में ओबीसी वोटरों की संख्या लगभग 55% के आसपास है। सूबे की लगभग 50 सीटों से ओबीसी विधायक चुनकर आते हैं। चुनावी बिगुल फूंकने के साथ-साथ पीएम मोदी ने ओबीसी वोटरों को साधने का भी प्रयास किया है। पीएम मोदी ने कहा, केंद्र सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है। यह फैसला ओबीसी वर्ग से आने वाले लोगों को सुरक्षा देने के लिए दिया गया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाजपा ने मेडिकल कोटे में ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिया। इस तरह पीएम मोदी ने राज्य के लगभग आधे से अधिक वोटरों को साधने का प्रयास किया। राजस्थान चुनाव में ओबीसी वोटर अहम भूमिका निभाते हैं।
राजस्थान का चुनावी ट्रेंड
राजस्थान की जनता हर पांच साल में सरकार बदल देती है। सूबे में हर बार सरकार बदलने की रिवायत है। यह ट्रेंड अगर बरकरार रहा तो इससे भाजपा की सरकार सूबे में बन सकती है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीएम गहलोत और कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के पास ना ही विजन है और ना ही उसकी बातों में कोई वजन रह गया है। पेपर लीक जैसे मुद्दे पर भाजपा लगातार कांग्रेस पर पलटवार कर रही है। पीएम मोदी ने आज खुले मंच से कहा कि ‘अब राजस्थान को अस्थिर सरकार से मुक्ति चाहिए। अनिश्चितता से मुक्ति चाहिए। अब राजस्थान को स्थिर और विकास वाली सरकार चाहिए तभी राजस्थान में कानून का राज स्थापित हो पाएगा, तभी राजस्थान तेज विकास के रास्ते पर चल पाएगा।’
गहलोत-पायलट फाइट से भाजपा को फायदा
सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच का मनमुटाव जगजाहिर है। आए दिन कांग्रेस के दोनों नेता एक-दूसरे पर शब्द बाण चलाते रहते हैं। राजस्थान में यह अंतर्कलह कांग्रेस के लिए घातक बन सकती है। पायलट और गहलोत गुट के कारण कांग्रेस आलाकमान को भी अक्सर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भाजपा के लिए यह आपसी लड़ाई फायदेमंद साबित हो सकती है।
AAP की एंट्री से बदल सकते हैं समीकरण
आम आदमी पार्टी अब एक नेशनल पार्टी बन चुकी है। अरविंद केजरीवाल ने जिस पार्टी की शुरुआत दिल्ली में की थी उस पार्टी की बहुमत अब दो राज्यों में है। दिल्ली और पंजाब में AAP की सरकार है। राजस्थान के सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान AAP कर चुकी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि AAP के राजस्थान में चुनाव लड़ने से कांग्रेस के वोट बंट सकते हैं। ऐसे में भाजपा को AAP के एंट्री से फायदा मिल सकता है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में चुनावी बिगुल फूंक दिया है। भाजपा के कार्यकर्ता और नेता राजस्थान की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए तैयारियां तेज कर दिए हैं। कांग्रेस भी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरी हुई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सूबे की जनता अपना ट्रेंड बरकरार रखती है या कांग्रेस को मौका देती है।



































