अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी कोलकाता में लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाएगी। 18 और 19 मार्च को सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक यहां बुलाई गई है। 11 साल बाद होने जा रही बैठक को मिशन 2024 के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछली बार 2012 में मुलायम सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने गुरुवार को कहा कि बैठक मुख्य एजेंडा 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाना ही है। कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की नीतियों और रणनीतियों पर चर्चा करने के अलावा, नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी, कई विशेष आमंत्रितों के साथ, इस साल के अंत में तीन हिंदी भाषी राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों पर चर्चा होगी।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव 17 मार्च को कोलकाता आएंगे और यहां कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। 18 मार्च से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी होगी। इस साल के अंत में छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के चुनावों के लिए पार्टी की रणनीतियों पर चर्चा होगी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव पर चर्चा की जाएगी।
कोलकाता में अखिलेश यादव के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात करने की संभावना है। अखिलेश यादव को ममता बनर्जी का लगातार समर्थन मिलता रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी ममता बनर्जी सपा के समर्थन में यूपी आई थीं।
इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान अखिलेश यादव ने भी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को समर्थन की घोषणा की थी। पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंदा पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे और अपनी पार्टी पश्चिम बंगाल सोशलिस्ट पार्टी का 2010 में समाजवादी पार्टी में विलय कर दिया था।
नंदा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी कोलकाता में आयोजित की जाएगी। यहां 2012 समेत पांच मौकों पर यह आयोजित हो चुकी है। हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में होती रहती है।






























