ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचाने के कई बड़े दावे किए हैं, हालांकि अमेरिका ने इन्हें सिरे से खारिज किया है।
- F-18 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा: IRGC का कहना है कि उसने चाबहार के पास अपनी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) का इस्तेमाल करते हुए एक अमेरिकी F/A-18 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। ईरान के मुताबिक, हमले के बाद यह विमान हिंद महासागर में जा गिरा। ईरानी सेना ने अपने इस दावे की पुष्टि के लिए एक वीडियो भी जारी किया है।
- USS अब्राहम लिंकन और F-35 पर हमले की बात: ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ पर क्रूज मिसाइलों से जोरदार हमला किया है और चेतावनी दी है कि यदि यह पोत ईरानी सीमा में आया, तो और कड़े हमले होंगे। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर F-35 को भी हवा में हिट करने का दावा किया, जिसके चलते उसे एक अमेरिकी बेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। (हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इन सभी दावों को झूठा बताते हुए कहा है कि उनका कोई भी फाइटर जेट या पोत नष्ट नहीं हुआ है।)
- ईरान की क्षेत्रीय देशों को कड़ी चेतावनी: ईरानी नेता मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबफ़ ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मनों ने सीमा पार की, तो मदद करने वाले उस देश के सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तबाह कर दिए जाएंगे।
- ट्रंप का 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव खारिज: कूटनीतिक मोर्चे पर भी गतिरोध जारी है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15-सूत्रीय शांति योजना की समीक्षा करने के बाद उसे ठुकरा दिया है। इसके जवाब में तेहरान ने अपनी तरफ से 5 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिसमें दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक रूट ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पर संप्रभुता की मांग शामिल है।



































